UAE पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद बढ़ी हलचल, Sheikh Abdullah ने कई देशों के मंत्रियों से की फोन पर चर्चा
UAE के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री H.H. Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बातचीत की है। इन हमलों को क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है। UAE और पड़ोसी देशों पर पिछले कुछ हफ्तों से लगातार ईरान की तरफ से हमले हो रहे हैं, जिसे लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
किन देशों के मंत्रियों से हुई बातचीत और क्या रहा मुख्य मुद्दा?
Sheikh Abdullah ने Pakistan, United Kingdom, Spain, France और Kazakhstan के विदेश मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान इन मिसाइल हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN चार्टर का सीधा उल्लंघन करार दिया गया। मंत्रियों ने चिंता जताई कि ये हमले न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी और एनर्जी सप्लाई चैन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। UAE ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह किसी भी आतंकवादी हमले से डरने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
UAE की सुरक्षा और हमलों से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े क्या हैं?
UAE के रक्षा मंत्रालय और एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की तरफ से आने वाले सैकड़ों खतरों को नाकाम किया है। संयुक्त राष्ट्र में UAE के प्रतिनिधि Jamal Al Musharakh ने मानवाधिकार परिषद में बताया कि ये हमले नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। हमलों की गंभीरता को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| खतरे का प्रकार | 28 फरवरी 2026 से अब तक की संख्या |
|---|---|
| Ballistic Missiles (बैलिस्टिक मिसाइल) | 357 |
| Cruise Missiles (क्रूज मिसाइल) | 15 |
| UAVs/Drones (ड्रोन) | 1,815 |
| 25 मार्च को रोके गए ड्रोन | 9 |
सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal Bin Farhan ने भी संकेत दिया है कि खाड़ी देशों का धैर्य अब खत्म हो रहा है और वे सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हाल ही में हुए एक हमले में बहरीन में तैनात UAE सुरक्षा बल के एक सदस्य की जान भी गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक प्रस्ताव पारित कर इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी सुरक्षा के ये हालात चिंता का विषय बने हुए हैं क्योंकि इससे हवाई यात्रा और समुद्री व्यापार पर असर पड़ता है।





