UAE Govt News: दुबई और अबू धाबी में फंसे यात्रियों के लिए राहत, अब नहीं देना होगा ओवरस्टे जुर्माना
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने उन सभी यात्रियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है जो ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से पैदा हुए हालातों में फंस गए थे। फेडरल अथॉरिटी फॉर आइडेंटिटी, सिटीजनशिप, कस्टम्स एंड पोर्ट सिक्योरिटी (ICP) ने बताया कि जिन लोगों का वीज़ा फ्लाइट्स रद्द होने और एयरस्पेस बंद होने के कारण खत्म हो गया है, उन्हें अब कोई ओवरस्टे जुर्माना नहीं देना होगा। यह फैसला उन हजारों प्रवासियों और पर्यटकों के लिए फायदेमंद है जो हवाई सेवाओं के बाधित होने के कारण घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
किन लोगों को मिलेगा इस नए नियम का फायदा?
इस योजना के तहत उन सभी यात्रियों को शामिल किया गया है जिन पर 28 फरवरी 2026 या उसके बाद से ओवरस्टे जुर्माना लगा है। इसमें टूरिस्ट वीज़ा, विजिट वीज़ा और वे रेजिडेंट्स शामिल हैं जिन्होंने अपना रेजिडेंसी वीज़ा कैंसिल करा लिया था लेकिन फ्लाइट न मिलने के कारण जा नहीं पाए। आमतौर पर UAE में वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद रुकने पर 50 दिराम प्रतिदिन का जुर्माना लगता है, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है।
- यह नियम 28 फरवरी 2026 के बाद लगे जुर्मानों पर लागू होगा
- विजिट वीज़ा और एग्जिट परमिट धारकों को इसका लाभ मिलेगा
- अब तक 15,327 यात्रियों को अस्थायी एंट्री वीज़ा दिए जा चुके हैं
- यह राहत सिर्फ उन लोगों के लिए है जो फ्लाइट कैंसिल होने के कारण फंसे हैं
भारतीय प्रवासियों की मदद और एयरपोर्ट का ताज़ा अपडेट
भारतीय दूतावास और स्थानीय संगठनों ने फंसे हुए भारतीय नागरिकों के लिए रहने और खाने के खास इंतजाम किए हैं। दुबई और अजमान में रहने वाले भारतीय व्यापारियों ने अपने निजी अपार्टमेंट और फार्महाउस प्रवासियों के लिए खोल दिए हैं ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। 5 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, ज़ायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित सभी बड़े हवाई अड्डों पर 30,913 यात्रियों की यात्रा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
| सुविधा का नाम | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| अस्थायी वीज़ा | 15,327 यात्रियों को मिला |
| जुर्माना माफी | 50 दिराम प्रतिदिन की छूट |
| कुल यात्री प्रोग्रेस | 30,913 यात्री रवाना हुए |
| प्रभावित एयरपोर्ट | Zayed, Dubai, Sharjah, RAK |
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष पहल केवल मौजूदा स्थिति को देखते हुए ली गई है और इसका 2024 में आए एमनेस्टी प्रोग्राम से कोई लेना-देना नहीं है। फंसे हुए लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट्स की जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क बनाए रखें। सरकार की इस कोशिश से उन मध्यम वर्गीय प्रवासियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है जो जुर्माने के डर से परेशान थे।




