UAE के हबशान पर ईरान का हमला, मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय घायल, अरब संसद ने जताई कड़ी नाराजगी.
UAE के अल अजबान और हबशान गैस फैसिलिटी पर हुए ईरानी हमलों के बाद अरब संसद ने कड़ा रुख अपनाया है. इन हमलों में मिसाइलों और ड्रोन के मलबे गिरने से आम नागरिकों को नुकसान पहुँचा है और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है. खास तौर पर अल अजबान इलाके में कई विदेशी प्रवासी घायल हुए हैं जिनमें भारतीय और नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. अधिकारियों ने इस हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है.
हमले में भारतीयों और अन्य प्रवासियों को कितना नुकसान हुआ है?
अल अजबान इलाके में गिरे मलबे की वजह से कुल 12 लोग घायल हुए हैं. इनमें 5 भारतीय नागरिक और 6 नेपाली नागरिक शामिल हैं जिन्हें मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक अन्य नेपाली नागरिक को गंभीर चोट लगी है. इसके अलावा हबशान गैस फैसिलिटी में लगी आग के कारण मिस्र के एक नागरिक की जान चली गई है और 4 अन्य लोग घायल हुए हैं. खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर प्रवासी नागरिक प्रभावित हुए हैं.
UAE एयर डिफेंस ने कितनी मिसाइलें और ड्रोन मार गिराए?
UAE के रक्षा तंत्र ने ईरान की ओर से किए गए इस बड़े हमले को नाकाम करने के लिए पूरी ताकत लगा दी. एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही बड़ी संख्या में खतरों को इंटरसेप्ट किया और उन्हें नष्ट कर दिया. इस हमले के कारण हबशान गैस फैसिलिटी के काम को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.
| हमले का प्रकार | इंटरसेप्ट की गई संख्या |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 18 |
| क्रूज मिसाइलें | 4 |
| ड्रोन (UAVs) | 47 |
अरब संसद और अधिकारियों ने इस पर क्या बयान दिया है?
अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. उन्होंने कहा कि नागरिक इलाकों को निशाना बनाना एक खतरनाक कदम है जो पूरे क्षेत्र की शांति को बिगाड़ सकता है. संसद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. वहीं अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने जनता को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें.




