UAE और कुवैत पर ईरान का मिसाइल और ड्रोन हमला, सीजफायर के बीच हुआ बड़ा नुकसान, 1 भारतीय समेत कई घायल.
8 अप्रैल 2026 को खाड़ी देशों में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के लावन द्वीप (Lavan Island) पर तेल सुविधाओं पर हमले के कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। यह घटनाएं तब हुई हैं जब अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच महज दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा की गई थी। इस अचानक हुए हमले ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और खासकर प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
🚨: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों से खाड़ी देशों में हलचल।
हमले में कितना नुकसान हुआ और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?
UAE के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही रोका। हालांकि, इंटरसेप्शन के दौरान गिरने वाले मलबे से UAE के हबशान गैस कॉम्प्लेक्स (Habshan gas complex) में आग लग गई और वहां उत्पादन रोकना पड़ा। इस घटना में दो अमीराती नागरिकों के साथ एक भारतीय नागरिक को भी मामूली चोटें आई हैं। कुवैत की सेना ने भी बताया कि उनके देश में तेल सुविधाओं, बिजली स्टेशनों और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर डराने वाली है क्योंकि तेल और गैस सेक्टर में बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं।
हमले के पीछे का मुख्य कारण और आधिकारिक बयान
ईरानी मीडिया और IRNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये हमले जवाबी कार्रवाई के तौर पर किए गए थे। बुधवार सुबह ईरान की लावन तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ था, जिसके बाद ईरान ने इन हमलों को अंजाम दिया। पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुआ सीजफायर अब पूरी तरह खतरे में नजर आ रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे एक नाजुक संधि बताया था और अब हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं।
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| स्थान | समय (स्थानीय) | घटना का विवरण |
|---|---|---|
| लावन द्वीप, ईरान | सुबह 10:00 बजे | तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ और आग लगी |
| कुवैत | सुबह 8:00 बजे | ड्रोन हमलों ने बिजली और पानी के प्लांट को नुकसान पहुंचाया |
| UAE | 8 अप्रैल | मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए, गैस प्लांट में आग लगी |
| घायल | – | 2 अमीराती और 1 भारतीय नागरिक को चोटें आईं |
| मध्यस्थता | – | पाकिस्तान ने सीजफायर के लिए मध्यस्थता की थी |
भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले इस शांति समझौते का स्वागत किया था, लेकिन अब बदलती परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।




