ड्राइविंग टेस्ट के दौरान सबसे ज्यादा डर किससे लगता है? जाहिर है, उस ‘एग्जामिनर’ (परीक्षक) से जो बगल वाली सीट पर बैठा होता है। उसकी खामोशी और नोटबुक में आपकी हर छोटी गलती को नोट करना किसी को भी नर्वस करने के लिए काफी होता है। ऐसा लगता है जैसे हर वक्त कोई हमें घूर रहा है और गलती होते ही डांट पड़ेगी। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अब यह डर हमेशा के लिए खत्म होने वाला है। एमिरेट्स ड्राइविंग कंपनी (EDC) एक ऐसा क्रांतिकारी सिस्टम लेकर आई है, जिसने ड्राइविंग टेस्ट की दुनिया ही बदल दी है। अब आपको किसी इंसान को खुश करने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपको अपनी स्किल तकनीक को साबित करनी होगी।
अब कार में आपके बगल वाली सीट रहेगी बिल्कुल खाली, इंसान नहीं बल्कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ लेगा आपका टेस्ट
जी हाँ, यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन अब ड्राइविंग टेस्ट के दौरान कार की बगल वाली सीट बिल्कुल खाली रहेगी। EDC ने जो ‘स्मार्ट यार्ड सिस्टम’ (Smart Yard System) तैयार किया है, वह पूरी तरह से ऑटोमेटेड है। इसमें पारंपरिक इंसानी परीक्षक (Examiner) की जगह आधुनिक तकनीक ने ले ली है। कार में अब हाई-टेक कैमरे, सैटेलाइट सिस्टम और सेंसर्स लगे हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से चलते हैं। यह सिस्टम आपकी हर हरकत, स्टयरिंग पर आपकी पकड़, हर टर्न और पार्किंग स्किल को बिना किसी चूक के जज करता है। यानी अब आपको जज करने वाला कोई इंसान नहीं, बल्कि एक सुपर-इंटेलिजेंट रोबोट होगा।
वीडियो गेम जैसा एहसास लेकिन असली परीक्षा, कैमरे की तरफ ‘Thumbs Up’ करते ही शुरू हो जाएगा ड्राइविंग टेस्ट
यह पूरा प्रोसेस सुनने में किसी वीडियो गेम जैसा लगता है, लेकिन यह पूरी तरह वास्तविक है। जैसे ही आप कार में बैठते हैं, सबसे पहले स्क्रीन पर अपना आईडी नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद सिस्टम खुद चेक करता है कि आपने सीटबेल्ट बांधी है या नहीं और मिरर (Mirrors) सही से सेट किए हैं या नहीं। जब आप पूरी तरह तैयार होते हैं, तो आपको बस डैशबोर्ड पर लगे कैमरे की तरफ देखकर ‘Thumbs Up’ (अंगूठा दिखाना) करना होता है और आपका टेस्ट शुरू हो जाता है। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी लाइव देख रहे होते हैं कि कार मैप पर कहाँ है, लेकिन कार के अंदर आपको अकेले ही पार्किंग (साइड, एंगल या 90-डिग्री) और ब्रिज पर चढ़ने जैसे टास्क पूरे करने होते हैं।
“मैंने तो सही चलाया था!” जैसे बहाने अब नहीं चलेंगे, फेल होने पर स्क्रीन पर वीडियो सबूत के साथ दिखेगी आपकी गलती
अक्सर ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने पर लोग बहस करते हैं कि उन्होंने सब सही किया था, लेकिन इस स्मार्ट यार्ड की सबसे बड़ी खूबी इसकी पारदर्शिता (Transparency) है। टेस्ट खत्म होने के मात्र 3 से 5 मिनट के भीतर रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाता है। अगर कोई उम्मीदवार फेल होता है, तो सिस्टम उसे बहस का मौका नहीं देता, बल्कि तुरंत वह वीडियो चलाकर दिखाता है कि उसने ठीक कहाँ और क्या गलती की। उदाहरण के लिए, अगर आपने गलत पार्किंग की या लाइन क्रॉस की, तो कार अपने आप रुक जाएगी और स्क्रीन पर मैसेज आ जाएगा कि टेस्ट खत्म हो गया है। इसमें न तो कोई चिल्लाने वाला होता है और न ही कोई शर्मिंदगी, बस शुद्ध डेटा और सबूत सामने होते हैं।
मूड ख़राब होने या भेदभाव का डर हुआ ख़त्म, इंसान से भी ज्यादा सुरक्षित और तेज है यह नया ‘स्मार्ट यार्ड सिस्टम’
कई बार ऐसा माना जाता है कि इंसानी एग्जामिनर अपने मूड के हिसाब से नंबर दे सकते हैं, लेकिन मशीन के साथ ऐसा कोई ‘भेदभाव’ नहीं है। EDC के सीईओ खालिद अल शेमेली के अनुसार, यह सिस्टम ‘Zero Human Bias’ यानी बिना किसी पक्षपात के काम करता है। सुरक्षा के लिहाज से भी यह बेहतरीन है। अगर कोई स्पीड लिमिट तोड़ता है या गलत रास्ते पर जाता है, तो सिस्टम खुद कार में ब्रेक लगा देता है। यह सब एक बंद और सुरक्षित एरिया में होता है। इससे वेटिंग टाइम भी कम होगा और साल भर में लाखों लोग जल्दी टेस्ट दे पाएंगे। अगर आप भी UAE में लाइसेंस लेने की सोच रहे हैं, तो तैयार हो जाइये इस स्मार्ट कंप्यूटर को अपनी ड्राइविंग स्किल दिखाने के लिए।





