यूएई राष्ट्रपति का भारत आगमन
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगी, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक मामलों पर अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर जोर
भारत और यूएई एक-दूसरे के शीर्ष व्यापारिक और निवेश साझेदारों में से हैं। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA), स्थानीय मुद्रा निपटान (LCS) प्रणाली और एक द्विपक्षीय निवेश संधि ने इस साझेदारी को और मजबूत किया है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग, जिसमें दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था शामिल है, पर प्रमुखता से बातचीत होगी।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग का विस्तार
दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग लगातार गहरा रहा है। जनवरी 2026 की शुरुआत में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यूएई यात्रा ने रक्षा संबंधों और सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव को मजबूत करने का संकेत दिया था। इस यात्रा में भी रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा विचार
भारत और यूएई क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण अभिसरण साझा करते हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बीच यह यात्रा हुई है, जो सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस की यात्राओं सहित हाल ही में हुए उच्च-स्तरीय आदान-प्रदानों के बाद हुई है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी का भविष्य
इस यात्रा का उद्देश्य भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए नए आयामों को खोजना है। इसमें कनेक्टिविटी, विकास साझेदारी, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, संस्कृति, शिक्षा और जन-जन के संबंधों सहित व्यापक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की यूएई राष्ट्रपति के रूप में यह तीसरी आधिकारिक यात्रा है और पिछले एक दशक में भारत की उनकी यह पांचवीं यात्रा है, जो द्विपक्षीय संबंधों की बढ़ती मजबूती को रेखांकित करती है।
Last Updated: 19 January 2026




