UAE, Saudi और Pakistan समेत 8 देशों ने Israel को दी चेतावनी, वेस्ट बैंक पर जारी किया कड़ा बयान
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में 9 फरवरी 2026 को एक अहम कूटनीतिक बैठक हुई। इसमें UAE, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये समेत कुल आठ देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साथ मिलकर आवाज उठाई है। इन सभी देशों ने इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक में किए जा रहे फैसलों और बस्तियों के विस्तार की कड़ी निंदा की है। मंत्रियों ने साफ शब्दों में कहा कि फिलिस्तीनी क्षेत्र पर इजरायल द्वारा थोपी जा रही संप्रभुता का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
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किन 8 देशों ने मिलकर उठाई आवाज?
इस संयुक्त बयान में क्षेत्र के और बाहर के कई प्रमुख देश शामिल हुए। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और कतर शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक सुर में इजरायल की मौजूदा नीतियों को क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि इजरायल सरकार की नीतियां हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं।
वेस्ट बैंक और इजरायल के फैसलों पर क्या कहा?
विदेश मंत्रियों ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वेस्ट बैंक में इजरायल जो भी नए कानून या प्रशासनिक बदलाव लागू करने की कोशिश कर रहा है, वे पूरी तरह से अवैध और शून्य माने जाएंगे। उनका कहना है कि ये कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) की 2024 की राय का खुला उल्लंघन करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इजरायल को इन खतरनाक कदमों और उकसावे वाले बयानों से रोकें।
शांति बहाली के लिए क्या रास्ता बताया गया?
आठों देशों ने फिर से दोहराया कि शांति का केवल एक ही रास्ता है और वह है ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’। मंत्रियों ने मांग की है कि 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश बनना चाहिए, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलेम हो। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को पूरा किए बिना क्षेत्र में स्थिरता नहीं आ सकती। अरब शांति पहल के तहत ही एक न्यायपूर्ण और व्यापक शांति हासिल की जा सकती है।




