UAE सरकार का फैसला, स्कूल बस में बच्चे अब 60 मिनट से ज्यादा नहीं करेंगे सफर
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीय परिवारों और उनके बच्चों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। UAE शिक्षा मंत्रालय ने अब स्कूल बसों में बच्चों के सफर के समय को सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शिक्षा मंत्री Sarah Al Amiri ने स्पष्ट किया है कि अब छात्रों का सफर एक तरफ से 60 मिनट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, क्योंकि कई अभिभावकों ने शिकायत की थी कि उनके बच्चे दो घंटे से ज्यादा समय बस में ही बिता रहे हैं।
जानिए क्या है नया नियम और समय सीमा
शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों की उम्र के हिसाब से सफर का अधिकतम समय तय किया है। Federal National Council (FNC) के सत्र में हुई घोषणा के अनुसार, अब स्कूलों को इन समय सीमाओं का पालन करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने बताया है कि 98.5% स्कूलों ने इन नियमों का पालन करना शुरू भी कर दिया है।
- KG छात्र (Kindergarten): सफर का समय अधिकतम 45 मिनट होगा।
- अन्य सभी छात्र: सफर का समय अधिकतम 60 मिनट होगा।
- खास छूट: केवल बारिश, एक्सीडेंट या खराब मौसम जैसी स्थिति में ही देरी की अनुमति दी जाएगी।
मंत्रालय ने एक नई "Transport Quality Unit" भी बनाई है जो बस के रास्तों और समय पर नजर रखेगी ताकि बच्चों को परेशानी न हो।
लंबी यात्रा से बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ रहा था?
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बस में ज्यादा देर तक बैठे रहने से बच्चों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। Dr. Ignatius Edwin D’souza ने बताया कि लंबा सफर करने से बच्चों में Urinary Tract Infections (UTIs) का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि वे लंबे समय तक टॉयलेट रोक कर रखते हैं।
इसके अलावा Dr. Sharafeldin Ibrahim ने बताया कि ज्यादा देर बैठे रहने से बच्चों में कमर दर्द और मांसपेशियों में अकड़न की समस्या आ रही है। मानसिक रूप से भी बच्चे थक जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और क्लास में ध्यान लगाने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। छोटे बच्चों को तो उल्टी और घबराहट (Motion Sickness) की समस्या भी हो रही थी।
बस फीस और अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी
अबू धाबी में स्कूल बस की फीस ITC School Bus Fee Framework के तहत तय की जाती है, जिसे ADEK से मंजूरी मिलती है। आमतौर पर माता-पिता को एक बच्चे के लिए सालाना 3,000 से 5,000 दिरहम या उससे अधिक खर्च करने पड़ते हैं।
नए सुरक्षा नियमों के तहत, 11 साल से कम उम्र के बच्चों को ड्रॉप-ऑफ पॉइंट पर रिसीव करने के लिए किसी अभिभावक या गार्जियन का होना जरूरी है। अगर वहां कोई मौजूद नहीं होता है, तो सुरक्षा के लिहाज से बच्चे को वापस स्कूल ले जाया जाएगा।




