UAE Sky Shield: यूएई ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए एक्टिव किया ‘स्काई शील्ड’, जानिए क्या है नया अलर्ट
हाल ही में यूएई पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद देश का रक्षा मंत्रालय (MoD) पूरी तरह से अलर्ट पर है. आम लोगों, प्रवासियों और महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा के लिए ‘Sky Shield’ एयर डिफेंस सिस्टम तेजी से काम कर रहा है. मंगलवार और बुधवार को इस सिस्टम ने 9 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोन की पहचान की, जिनमें से ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सुरक्षित रहने के लिए मोबाइल पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं.
कैसे काम कर रहा है यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम
यूएई का ‘Sky Shield’ सिस्टम 6 परतों वाली एक बहुत मजबूत सुरक्षा तकनीक है. इसमें कई एडवांस सिस्टम शामिल हैं जो हवा में ही खतरों को खत्म कर देते हैं:
- THAAD: यह सिस्टम ऊपरी वातावरण में ही मिसाइलों को ट्रैक करके रोक देता है.
- Patriot (MIM-104): यह मध्यम और अधिक ऊंचाई वाले खतरों से बचाने के लिए तैनात है.
- Skynex और Pantsir: छोटे ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल होता है.
- Fighter Jets: यूएई वायुसेना के लड़ाकू विमान भी ड्रोन को मार गिराने में लगातार एक्टिव हैं.
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 262 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला है, जिसमें से 241 को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया है और 19 समुद्र में गिरी हैं. एहतियात के तौर पर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी Ruwais रिफाइनरी को भी कुछ समय के लिए बंद किया गया था.
फ्लाइट्स और आम लोगों के लिए क्या हैं निर्देश
हमलों के दौरान सुरक्षा को देखते हुए Dubai International (DXB) और Al Maktoum (DWC) एयरपोर्ट पर उड़ानों को कुछ समय के लिए रोका जाता है. हालात सामान्य होने पर इन उड़ानों को फिर से शुरू किया जा रहा है. जो लोग इन दिनों सफर करने वाले हैं, उन्हें अपनी एयरलाइंस के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है.
Ministry of Interior और NCEMA लोगों के मोबाइल पर सीधे इमरजेंसी अलर्ट भेज रहे हैं. प्रशासन ने अपील की है कि अलर्ट मिलने पर तुरंत किसी सुरक्षित बंद जगह पर चले जाएं और खिड़कियों से दूर रहें. जब तक खतरा टलने का मैसेज न आए, तब तक बाहर न निकलें. मलबा गिरने से अब तक कुछ लोगों के घायल होने की खबर है, इसलिए इमरजेंसी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं.
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर बिना जांचे-परखे वीडियो या अफवाहें शेयर करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है. आम लोगों को सिर्फ रक्षा मंत्रालय या सरकारी चैनलों से ही सही जानकारी लेने को कहा गया है.





