Middle East Drone Attack: यूक्रेन ने गिराए ईरान के ड्रोन, जेलेंस्की ने किया ऐलान, कई Gulf देशों की मदद की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन के इंटरसेप्टर्स ने मिडल ईस्ट के कई देशों में ईरान के ड्रोन को मार गिराया। यह कोई ट्रेनिंग मिशन नहीं था, बल्कि वहां के एयर डिफेंस सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया गया काम था।
यूक्रेन ने मिडल ईस्ट में कैसे की मदद?
यूक्रेन ने इस काम के लिए अपने सैन्य विशेषज्ञ भेजे थे। कुल 228 एक्सपर्ट्स को इस इलाके में तैनात किया गया, जिनमें ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के माहिर लोग शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने ईरान के Shahed और कुछ जेट-पावर्ड ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। यूक्रेन ने इसके लिए अपने खुद के बनाए इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल किया।
इस मदद के बदले यूक्रेन को क्या मिल रहा है?
यूक्रेन ने यह मदद एक समझौते के तहत दी है। इसके बदले में यूक्रेन को कई तरह की सहायता मिल रही है:
- अपने बिजली घरों और ऊर्जा ढांचे को बचाने के लिए नए हथियार।
- जरूरी वित्तीय सहायता और पैसों का इंतजाम।
- कुछ मामलों में तेल की सप्लाई मिलने की बात भी कही गई है।
किन देशों में तैनात थे यूक्रेनी एक्सपर्ट्स?
यूक्रेनी टीम ने मिडल ईस्ट के कई देशों में काम किया ताकि वहां ईरान के ड्रोन हमलों को रोका जा सके। इनमें मुख्य रूप से ये देश शामिल थे:
| देश का नाम | काम की प्रकृति |
|---|---|
| UAE, सऊदी अरब, कतर | एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना |
| कुवैत, जॉर्डन | ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करना |
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्ते का ceasefire लागू है। इसके साथ ही उन्होंने रूसी तेल पर फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है।




