UNDP की चेतावनी, ईरान युद्ध से 3.2 करोड़ लोग होंगे गरीब, दुनिया भर में बढ़ेगा महंगाई का संकट
यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में करीब 3.2 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं। इसका सबसे बुरा असर उन विकासशील देशों पर पड़ेगा जिनकी आर्थिक हालत पहले से ही खराब है। यूएन ने इसे एक गंभीर संकट बताया है जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है।
क्यों बढ़ रहा है गरीबी का खतरा?
UNDP ने इस स्थिति को ट्रिपल शॉक कहा है। इसमें ऊर्जा, खाना और आर्थिक विकास तीनों पर बुरा असर पड़ रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद करने से तेल और गैस की सप्लाई रुक गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं। इसका असर खाद की सप्लाई और समुद्री शिपिंग पर भी पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर में खाद्य संकट पैदा होने का डर है।
किन देशों पर होगा सबसे ज्यादा असर?
इस संकट का सबसे ज्यादा असर खाड़ी क्षेत्र, एशिया और अफ्रीका के गरीब देशों पर पड़ेगा। UNDP के प्रशासक अलेक्जेंडर डी क्रू ने कहा कि इस तरह का संघर्ष विकास को पीछे धकेल देता है और युद्ध रुकने के बाद भी इसका असर लंबे समय तक बना रहता है। खासतौर पर उन 37 देशों में गरीबी तेजी से बढ़ेगी जो ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं।
रिपोर्ट की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| गरीबी में धकेले जाने वाले लोग | 3.2 करोड़ (32.5 मिलियन) |
| रिपोर्ट की तारीख | 13 अप्रैल, 2026 |
| मुख्य कारण | Strait of Hormuz का बंद होना |
| संकट का प्रकार | ट्रिपल शॉक (ऊर्जा, खाद्य, आर्थिक) |
| गरीबी रेखा का पैमाना | 8.30 डॉलर प्रतिदिन से कम आय |
| सुझाया गया उपाय | लक्षित नकद हस्तांतरण (Cash Transfers) |
| सबसे कमजोर क्षेत्र | खाड़ी देश, एशिया और उप-सहारा अफ्रीका |




