US Army का ईरान पर बड़ा हमला, 11,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को किया गया तबाह
अमेरिकी सेना और इज़राइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 28 मार्च 2026 तक ईरान के 11,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस युद्ध में ईरान की नौसेना, वायु सेना और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुँचा है। इसी बीच सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर भी हमला हुआ है जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु केंद्रों को कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रेड कूपर ने बताया कि इस कार्रवाई में ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता 90% तक कम हो गई है। हमलों में ईरान के बड़े नौसैनिक जहाजों का 92% हिस्सा नष्ट हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि ईरान का कमांड स्ट्रक्चर अब काम करने की स्थिति में नहीं है। हमलों की मुख्य जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| नुकसान का विवरण | प्रभाव की सीमा |
|---|---|
| कुल टारगेट किए गए ठिकाने | 11,000 से अधिक |
| मिसाइल और ड्रोन क्षमता में कमी | 90% की गिरावट |
| नौसैनिक जहाजों की तबाही | 92% नष्ट |
| परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर | Arak और Ardakan केंद्रों पर हमला |
सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर हमला और सुरक्षा के नए उपाय
27 मार्च 2026 को ईरान की ओर से सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस (Prince Sultan Air Base) पर हमला किया गया। इस हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूक्रेन के साथ एक रक्षा समझौता किया है। यूक्रेन अब सऊदी अरब को एयर डिफेंस सिस्टम के मामले में मदद प्रदान करेगा।
इलाके में बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में 17,000 और ग्राउंड ट्रूप्स यानी जमीनी सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। इज़राइल की ओर से तेहरान में भी एयर स्ट्राइक जारी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन हमलों का मकसद ईरान के रक्षा उद्योग और परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से रोकना है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील बनी हुई है।




