US Attack on Iran: अमेरिका ने नष्ट की ईरान की सैन्य ताकत, ट्रंप का बड़ा ऐलान, 3 दिन में डुबाए 42 जहाज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 मार्च 2026 को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना और सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ‘Operation Epic Fury’ के तहत अमेरिका ने ईरान की 100 प्रतिशत पारंपरिक सैन्य ताकत को नष्ट करने का दावा किया है। इस दौरान मात्र तीन दिनों के अंदर ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को डुबा दिया गया। इस हमले का सीधा असर खाड़ी देशों के हालात और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।
ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में क्या-क्या हुआ?
अमेरिका ने ईरान के अहम ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को तोड़ना, नौसेना को खत्म करना और परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च में 86 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 73 प्रतिशत की गिरावट आई है।
- ईरान के 42 नौसैनिक जहाजों को तबाह कर दिया गया है।
- Kharg Island पर मौजूद सैन्य और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया, लेकिन तेल के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
- ट्रंप ने ईरान के पुलिस और सुरक्षा बलों को हथियार डालने पर पूरी छूट देने की बात कही है।
खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर है?
इस युद्ध का असर पूरे मिडिल ईस्ट और गल्फ देशों पर देखा जा रहा है। अमेरिका ने Strait of Hormuz को सुरक्षित करने के लिए 7 देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है। वहीं क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है जिसका असर आम चीजों की महंगाई पर पड़ सकता है। गल्फ में रहने वाले और काम करने वाले भारतीयों के लिए भी यह समय सतर्क रहने का है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाध पर हुए मिसाइल हमलों को सऊदी एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया है, जिसमें अमेरिका ने अपना पूरा समर्थन दिया है। इसके अलावा हाल ही में Dubai International Airport पर एक फ्यूल टैंक पर हुए ड्रोन हमले के कारण कुछ देर के लिए काम बाधित हुआ था, लेकिन अब वहां फ्लाइट्स सामान्य रूप से चल रही हैं। भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर करने वालों को मौजूदा हालात पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।




