अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान में बिगड़े हालात, तेल सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट
अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहा तनाव अब काफी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। 2 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए अगले कुछ हफ्तों तक भारी हमले जारी रखने की बात कही है। इस संघर्ष का सीधा असर आम नागरिकों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए Tel Aviv पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। ईरान की तरफ से भी बड़े हमलों की चेतावनी दी गई है।
अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा विवाद क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया है कि उनका लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 6 अप्रैल तक Strait of Hormuz को दोबारा नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले किए जाएंगे। दूसरी ओर, ईरान की सेना Khatam Al-Anbiya ने भी धमकी दी है कि वे अमेरिका और इजरायल के आर्थिक हितों को निशाना बनाएंगे। इसमें बैंक और तकनीकी बुनियादी ढांचे शामिल हो सकते हैं। ईरान का कहना है कि जब तक हमले नहीं रुकेंगे, वे Strait of Hormuz में किसी भी तरह की राहत नहीं देंगे और न ही युद्धविराम पर बात करेंगे।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो रहा है?
इस युद्ध के कारण दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं। ईरान और इजरायल दोनों की आर्थिक स्थिति पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। आम नागरिकों को इस युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। इस संकट के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ईरान में अब तक 1,937 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 452 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
- इजरायल के वित्त मंत्रालय ने देश की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटा दिया है।
- South Korea ने अपनी अर्थव्यवस्था को ‘वॉरटाइम’ मोड पर डाल दिया है और Bhutan में ईंधन के दाम बढ़े हैं।
- Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई और खाद्य कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
- ईरान में घायल होने वालों की संख्या 24,000 से अधिक हो गई है, जिससे वहां की स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव है।




