अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का युद्ध विराम, कतर ने किया फैसले का स्वागत, अब पाकिस्तान में होगी शांति वार्ता.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए दो हफ्ते के युद्ध विराम की घोषणा की गई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र में शांति की दिशा में एक शुरुआती कदम बताया है। इस सीजफायर के बाद अब दोनों देशों के प्रतिनिधि 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मुलाकात करेंगे। कतर ने उम्मीद जताई है कि इस बातचीत से मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव को पूरी तरह खत्म करने में मदद मिलेगी और समुद्री रास्तों की सुरक्षा बनी रहेगी।
युद्ध विराम से जुड़ी कुछ खास बातें और नियम
- तारीख: अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता 8 अप्रैल 2026 को हुआ है।
- समय सीमा: यह युद्ध विराम फिलहाल केवल 2 हफ्तों के लिए लागू रहेगा जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।
- मध्यस्थता: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इस समझौते में बड़ी भूमिका निभाई है।
- शांति वार्ता: शुक्रवार 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहली आधिकारिक बातचीत शुरू होगी।
- शर्तें: ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखना होगा ताकि व्यापारिक रास्ते चालू रहें।
खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया और हालिया स्थिति
सऊदी अरब, ओमान, मिस्र और तुर्की जैसे देशों ने भी इस शांति समझौते का समर्थन किया है और पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की है। हालांकि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि यह सीजफायर केवल ईरान के लिए है और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। दूसरी तरफ समझौते के कुछ ही घंटों बाद बहरीन की राजधानी मनामा और यूएई के अबू धाबी में कुछ धमाकों और मिसाइल हमलों की खबरें आई हैं जिन्हें ईरान से जुड़ा बताया जा रहा है।
| देश | मुख्य प्रतिक्रिया |
|---|---|
| Qatar | इसे तनाव कम करने की दिशा में पहला कदम बताया |
| USA | ईरान के 10 पॉइंट वाले प्रस्ताव को बातचीत के लिए सही माना |
| Iran | समझौते को अपनी जीत बताया और बातचीत के लिए तैयार हुआ |
| Saudi Arabia | होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की शर्त का समर्थन किया |
| Israel | हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग जारी रखने की बात कही |




