Islamabad में जुटे अमेरिका और ईरान, VP JD Vance करेंगे बातचीत, पाकिस्तान बोला यह शांति का आखिरी मौका
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। यहां उनकी मुलाकात ईरान के डेलीगेशन से होगी ताकि युद्ध रोकने के लिए एक पक्का समझौता हो सके। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बातचीत को बहुत अहम बताया है और इसे शांति लाने का आखिरी मौका कहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब इन बातचीत पर टिकी हैं।
बातचीत में कौन-कौन शामिल है और क्या है तैयारी?
इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग के लिए दोनों देशों ने अपनी बड़ी टीम भेजी है। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में बीच का रास्ता निकालने में मदद कर रहा है। सुरक्षा के इंतजाम इतने कड़े हैं कि पूरे इस्लामाबाद शहर को लॉकडाउन कर दिया गया है।
| डेलीगेशन | मुख्य सदस्य |
|---|---|
| अमेरिका (US) | उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर |
| ईरान (Iran) | विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ |
| मध्यस्थ (Mediator) | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (पाकिस्तान) |
दोनों देशों की शर्तें और मुख्य मुद्दे क्या हैं?
बातचीत शुरू होने से पहले ही दोनों तरफ से कुछ शर्तें सामने आई हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान शिपिंग के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखे। वहीं ईरान की मांगें अलग हैं।
- ईरान चाहता है कि लेबनान पर इसराइल के हमले तुरंत रुकें।
- ईरान ने अपने जमा किए गए विदेशी एसेट्स को वापस मांगा है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका के युद्धपोत ईरान पर हमला कर सकते हैं।
- इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा।
मौजूदा हालात और क्षेत्रीय तनाव
एक तरफ बातचीत की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लेबनान में लड़ाई जारी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 8 अप्रैल को हुए हमलों में करीब 357 लोग मारे गए। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट की समस्या बहुत बढ़ गई है और यह 1,000 घंटे से ज्यादा समय से चल रहा है। साथ ही अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है।




