अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई नाकाम
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक घेराबंदी करने का ऐलान किया है। वहीं, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति बातचीत भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। इस घटनाक्रम से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर क्या पाबंदी लगाई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया कि 13 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से ईरान के बंदरगाहों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नौसैनिक घेराबंदी शुरू की जाएगी। इस फैसले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, ब्रिटेन ने इस घेराबंदी में अमेरिका का साथ देने से साफ़ इनकार कर दिया है।
इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता का क्या नतीजा रहा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित की गई थी। यह बातचीत पिछले कुछ दिनों से चल रही थी, लेकिन अंत में दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुँच सके। अमेरिका ने इस विफलता का कारण ईरान का अपने परमाणु लक्ष्यों को न छोड़ना बताया है।
ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बयान दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य गैर-सैन्य जहाजों के लिए उनके नियंत्रण में रहेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बंदरगाहों को खतरा हुआ, तो फारस की खाड़ी और ओमान के समुद्र में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।




