US-Iran Conflict: ट्रंप ने ईरानी जहाजों को बताया मामूली खतरा, नाकाबंदी शुरू होते ही तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के बंदरगाहों और Strait of Hormuz की समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरानी फास्ट अटैक जहाजों को निशाना नहीं बनाया क्योंकि वे कोई बड़ा खतरा नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी जहाज नाकाबंदी के करीब आया तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इस फैसले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
नाकाबंदी और ट्रंप की चेतावनी की मुख्य बातें
- यह नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे (EDT) से लागू हुई।
- Donald Trump ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के 158 अन्य नौसैनिक जहाजों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
- ट्रंप ने साफ कहा कि फास्ट अटैक शिप उनके लिए बड़ा खतरा नहीं थे, इसलिए उन्हें निशाना नहीं बनाया गया।
- CENTCOM ने बताया कि केवल ईरानी बंदरगाहों की तरफ जाने या वहां से आने वाले जहाजों को रोका जाएगा, बाकी जहाजों को रास्ता मिलेगा।
बाजार और दुनिया पर क्या पड़ेगा असर
इस नाकाबंदी की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है। WTI और Brent कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Sir Keir Starmer ने इस नाकाबंदी में शामिल होने से मना कर दिया है ताकि ऊर्जा की कीमतें और न बढ़ें और Strait of Hormuz खुला रहे।
| इकाई/व्यक्ति | भूमिका/प्रतिक्रिया |
|---|---|
| JD Vance | शांति वार्ता का नेतृत्व किया जो असफल रही |
| Shahram Irani | ईरानी नेवी कमांडर, जिन्होंने ट्रंप की धमकी को हास्यास्पद बताया |
| ईरान सरकार | नाकाबंदी को ‘समुद्री डकैती’ कहा और कड़े जवाब की धमकी दी |




