US-Iran Talk Fail: अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल, तेल की कीमतें बढ़ीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी का ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मच गई और कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य में पूरी तरह नाकेबंदी करने का ऐलान किया है, जिससे दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका और ईरान की मीटिंग में क्या हुआ?
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक मैराथन बातचीत चली। अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे थे, जिसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल थे। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची और अन्य अधिकारी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि बातचीत में काफी प्रगति हुई और कई गंभीर चर्चाएं हुईं, लेकिन अंत में कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया। अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा प्रस्ताव ईरान के सामने रखा है और अब ईरान के फैसले का इंतजार है।
समझौता क्यों नहीं हुआ और अब क्या असर होगा?
अमेरिका ने ईरान के सामने कुछ कड़ी शर्तें रखी थीं, जिन्हें ईरान मानने को तैयार नहीं था। अमेरिका चाहता था कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे, अपने परमाणु केंद्रों को खत्म करे और हमास व हिजबुल्लाह जैसे समूहों को फंड देना बंद करे। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के पूरी तरह खोलने की मांग की गई। ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में नाकाम रहा। इस विफलता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कच्चे तेल की कीमत (WTI) | 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची |
| अमेरिकी कार्रवाई | होर्मुज जलडमरूमध्य की पूरी नाकेबंदी का ऐलान |
| नाटो की भूमिका | नाकेबंदी में नाटो की मदद ली जाएगी |
| ईरान का रुख | परमाणु संवर्धन के अपने अधिकार पर अड़ा रहा |
क्या अब युद्ध की स्थिति बनेगी?
दोनों देशों के बीच लगी नाजुक ceasefire अब भारी दबाव में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ता, तो उसके बुनियादी ढांचे पर फिर से हमले किए जा सकते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने साफ किया है कि अमेरिका अभी भी समझौते के लिए खुला है और बातचीत जारी रहेगी। फिलहाल पाकिस्तानी अधिकारी दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े।




