US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत रही नाकाम, ट्रंप ने दिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को ब्लॉक करने का आदेश
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। यह दोनों देशों के बीच 1979 के बाद पहली बार हुई इतनी बड़ी स्तर की सीधी बातचीत थी। करीब 21 घंटे चली इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई और अब तनाव और बढ़ गया है।
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बातचीत क्यों नाकाम हुई?
अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की शर्त मानने को तैयार नहीं था। अमेरिका ने इसे अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर कहा। वहीं ईरान के प्रतिनिधि और राजदूत Reza Amiri Moghadam का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा थीं। ईरान ने साफ किया कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ नागरिक इस्तेमाल के लिए है और उसे यूरेनियम समृद्ध करने का पूरा हक है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का जवाब
बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को ब्लॉक करने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने को तैयार नहीं है। इस पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर कोई विदेशी सैन्य जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास आया तो उसका करारा और जोरदार जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान और इसराइल का क्या स्टैंड है?
पाकिस्तान ने इस पूरी बातचीत की मेजबानी की और मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान ने शांति प्रयासों को जारी रखने की बात कही है। दूसरी तरफ इसराइल के पीएम Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। उन्होंने कहा कि इसराइल हिजबुल्ला पर हमले जारी रखेगा क्योंकि इसराइल अब पहले से ज्यादा मजबूत है और ईरान कमजोर हो गया है।




