अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में बड़ी बैठक, 15 घंटे चली बातचीत, Strait of Hormuz पर फंसा पेंच
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक बड़ी बैठक हुई है. यह बातचीत 15 घंटे से ज्यादा समय तक चली और इसमें दोनों देशों के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. इस मुलाकात का मुख्य मकसद लेबनान में जंग रोकना और परमाणु मुद्दों को सुलझाना था.
बातचीत में कौन से बड़े चेहरे शामिल रहे?
इस मीटिंग में दोनों देशों की तरफ से हाई लेवल के प्रतिनिधि पहुंचे थे. पाकिस्तान ने इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है.
- United States: इस टीम की अगुवाई Vice President J.D. Vance ने की. इसमें Steve Witkoff, Jared Kushner और Andrew Baker जैसे बड़े अधिकारी शामिल थे.
- Iran: ईरानी टीम का नेतृत्व Parliament Speaker Mohammad Bagher Qalibaf ने किया. उनके साथ Foreign Minister Abbas Araghchi भी मौजूद रहे.
- Pakistan: PM Shehbaz Sharif ने दोनों टीमों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं. सेना प्रमुख Field Marshall Asim Munir भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे.
किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों देशों के बीच कई पेचीदा मुद्दों पर बात हुई है. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा लेबनान में चल रही लड़ाई और पैसे के लेनदेन को लेकर रही. मुख्य बिंदुओं को नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है.
| मुख्य मुद्दा | चर्चा का विवरण |
|---|---|
| Frozen Assets | ईरान की जमा पूंजी को वापस लौटाने पर बात हुई. |
| Hezbollah | लेबनान में इसराइल के हमलों को पूरी तरह रोकने की मांग रही. |
| Nuclear Program | परमाणु ईंधन और मिसाइल उत्पादन पर चर्चा हुई. |
| Strait of Hormuz | समुद्री रास्ते को फिर से खोलने और उसके नियंत्रण पर बहस हुई. |
मौजूदा स्थिति और तनाव क्या है?
अभी तक आमने-सामने की बातचीत खत्म हो गई है और अब दोनों देश लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रहे हैं. हालांकि, Strait of Hormuz को लेकर मामला अब भी उलझा हुआ है. ईरान चाहता है कि इस रास्ते पर उसका पूरा कंट्रोल रहे और वह वहां से फीस वसूल करे.
सुरक्षा के मोर्चे पर भी हलचल रही. शनिवार को US Navy के दो जहाज इस रास्ते से गुजरे थे ताकि वहां से माइन्स को हटाया जा सके. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC की तरफ से मिली धमकियों के बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा. वहीं, US President Donald Trump ने कहा है कि वह इस रास्ते के जल्दी खुलने की उम्मीद करते हैं.




