अमेरिका की ईरान को बड़ी चेतावनी, आज रात 8 बजे तक हो सकता है जवाबी हमला, खाड़ी देशों में अलर्ट जारी.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब एक खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने जानकारी दी है कि आज रात 8 बजे तक ईरान की ओर से कोई बड़ा जवाबी हमला होने की पूरी संभावना है. राष्ट्रपति Donald Trump ने भी ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर Strait of Hormuz को लेकर समझौता नहीं हुआ, तो बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी. इस तनावपूर्ण माहौल के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता काफी बढ़ गई है.
इस विवाद के मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं. राष्ट्रपति Trump ने ईरान को आज रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक की समयसीमा दी है. यदि ईरान उनकी शर्तों को नहीं मानता है, तो अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी दी है. वहीं ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है. ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि उनके देश के नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए तैयार हैं और उन्होंने किसी भी बाहरी दबाव में आने से मना कर दिया है.
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य विदेशी कामगारों के लिए स्थिति को समझना जरूरी है. हाल ही में सऊदी अरब ने अपनी हवाई सीमा में 18 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट कर गिराया है, जो बढ़ते खतरों का संकेत है. इस स्थिति का सीधा असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है:
- हवाई यात्रा: तनाव बढ़ने से विमानों के रूट बदल सकते हैं और फ्लाइट्स में देरी हो सकती है.
- सुरक्षा: सऊदी और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है.
- तेल की कीमतें: Strait of Hormuz बंद होने की स्थिति में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है जिससे महंगाई बढ़ सकती है.
- डिप्लोमेसी: पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश शांति बनाने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं.
ईरान और अमेरिका की ओर से दी गई अन्य धमकियाँ
ईरान के Revolutionary Guard ने चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो अमेरिका और उसके सहयोगियों को सालों तक तेल और गैस की कमी झेलनी पड़ेगी. इसके अलावा, ईरान ने अपने युवाओं से पावर प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है ताकि उन्हें हमलों से बचाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी चिंता जताई है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा. फिलहाल दुनिया भर की नजरें आज रात होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.




