US Iran Tension: अमेरिका ने ईरान को दिया अल्टीमेटम, रूस ने कहा बातचीत का प्रस्ताव एक सैन्य चाल है
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा बातचीत की ताजा कोशिश ईरान पर फिर से हमला करने के लिए अपनी सेना को मजबूत करने और सैन्य योजनाओं को सुधारने का एक बहाना हो सकती है। ईरान ने भी अमेरिका के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे कूटनीति के साथ विश्वासघात बताया है।
शांति प्रस्ताव को लेकर ईरान का रुख क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कर दिया है कि ईरान वर्तमान में अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कूटनीति पर भरोसा करना मुमकिन नहीं है क्योंकि अतीत में परमाणु वार्ता के दौरान भी अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था। ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव की शर्तों को बहुत अधिक और अनुचित बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे युद्ध को केवल अपनी शर्तों पर ही समाप्त करेंगे और अमेरिकी दबाव में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मौजूदा सैन्य स्थिति और प्रमुख घटनाक्रम
पिछले कुछ दिनों में खाड़ी देशों में सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी फौजों की संख्या बढ़ा दी है, वहीं ईरान की ओर से भी हमले तेज होने की खबरें मिली हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति के कुछ मुख्य बिंदु नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| मुख्य विषय | ताजा अपडेट और जानकारी |
|---|---|
| अमेरिकी प्रस्ताव | अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए 15 सूत्री शांति प्रस्ताव ईरान को भेजा था |
| ट्रंप का अल्टीमेटम | समझौता न होने पर 4 दिन में ईरान के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की धमकी दी गई |
| रूस की कार्रवाई | रूस ने बुशहर परमाणु प्लांट से अपने 163 कर्मचारियों को वापस बुला लिया है |
| सैन्य तैनाती | अमेरिका ने 82nd एयरबोर्न डिवीजन और अतिरिक्त मरीन को तैनात किया है |
| ईरानी हमला | कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इजराइल पर ईरान द्वारा हमलों की सूचना मिली है |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान और मिस्र दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं |
क्षेत्रीय सुरक्षा और भारतीय प्रवासियों पर प्रभाव
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधि से वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की चिंता बढ़ सकती है। हालांकि भारत की ओर से अभी कोई विशेष एडवाइजरी जारी नहीं हुई है, लेकिन फ्लाइट्स और सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। रूस और चीन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है ताकि आम लोगों को इस संघर्ष से बचाया जा सके।




