US Iran War Update: अमेरिका करेगा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला, इजरायली मीडिया की रिपोर्ट में बड़ा दावा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब एक बहुत ही गंभीर मोड़ पर आ गया है. इजरायली ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों पर बड़ा हमला करने की तैयारी में है. सऊदी न्यूज़ ने भी 8 मार्च 2026 को अपने एक ट्वीट के माध्यम से इस खबर को दुनिया के सामने रखा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान से जुड़े परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना है. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस नए युद्ध के बाद से लगातार हालात बिगड़ रहे हैं.
अमेरिका की क्या है प्लानिंग और मुख्य टारगेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एयर फोर्स वन पर एक ब्रीफिंग के दौरान जानकारी दी है कि वह ईरान के यूरेनियम भंडार को सुरक्षित करने के लिए स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्स यानी कमांडो के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं. ट्रम्प प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान को अब बिना किसी शर्त के सरेंडर करना होगा.
- Isfahan कॉम्प्लेक्स: यहां करीब 441 किलोग्राम उच्च स्तर का यूरेनियम रखा गया है, जिसे मजबूत सुरंगों में सुरक्षित किया गया है.
- Natanz: ईरानी अधिकारियों के अनुसार 2 मार्च को यहां पहले ही कुछ हमले किए गए थे.
- Minzadehei: तेहरान के उत्तर-पूर्व में स्थित एक अंडरग्राउंड साइट जहां हथियार बनाने का इंफ्रास्ट्रक्चर छिपाया गया है.
- Fordow: यह भी एक बेहद सुरक्षित और जमीन के नीचे बना प्लांट है.
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ग्राउंड ऑपरेशन के बारे में कहा कि सेना इसे अभी नहीं बल्कि बाद में अंजाम दे सकती है. अमेरिका ने अपनी इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी UN सिक्योरिटी काउंसिल को भी दे दी है और इसे सेल्फ-डिफेंस के नियम के तहत बताया है.
युद्ध के मौजूदा हालात और ईरान का जवाब
फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस सैन्य अभियान में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर लगभग 2000 हवाई हमले किए हैं. अमेरिका का दावा है कि उन्होंने ईरान की नेवी और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी हद तक तबाह कर दिया है. इजरायल लगातार अमेरिका को खुफिया जानकारी सौंप रहा है जिसमें बताया गया है कि ईरान अपने हथियारों को बमों से बचाने के लिए जमीन के काफी नीचे छिपा रहा है.
इन हमलों और चेतावनियों के बीच ईरान की सेना IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने 8 मार्च को बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान पूरी तरह से तैयार है और अगले छह महीने तक इस भयंकर युद्ध का डटकर सामना करने की क्षमता रखता है. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने बताया है कि युद्ध तेज होने के बाद से उनका ईरान के अधिकारियों से पूरी तरह से संपर्क टूट गया है.





