US-Iran War Update: खाड़ी देशों ने अफ्रीका में रोकी अरबों डॉलर की इन्वेस्टमेंट, निवेश पर लगा ब्रेक
अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक खाड़ी देशों ने अफ्रीका में होने वाले अपने अरबों डॉलर के निवेश को फिलहाल रोक दिया है। अल जजीरा की रिपोर्ट बताती है कि सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देश अब अपनी घरेलू सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए निवेश पर लगे पुराने समझौतों में बदलाव कर रहे हैं। इस युद्ध के कारण अफ्रीकी सैन्य बेस भी अब संभावित निशाने पर आ गए हैं।
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निवेश और ऊर्जा संकट पर क्या होगा असर?
युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से तेल और गैस की सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इसके चलते दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है और बांग्लादेश ने तो ईंधन बचाने के लिए अपने सभी यूनिवर्सिटी को बंद करने का फैसला लिया है। खाड़ी देशों के अधिकारियों ने अब अपनी प्राथमिकता बदल दी है और वे बाहर पैसा लगाने के बजाय अपनी रक्षा पर खर्च करना चाहते हैं।
| देश का नाम | निवेश की राशि (अनुमानित) |
|---|---|
| UAE | ~$59.4 बिलियन |
| Saudi Arabia | ~$25.6 बिलियन |
| Qatar | $103 बिलियन भविष्य के लिए |
सुरक्षा और प्रवासियों के लिए क्या है नया खतरा?
ईरान में हालिया हमलों में अब तक 1,255 लोगों की जान जा चुकी है जिसमें बड़ी संख्या आम नागरिकों की है। ईरान में मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। इसका असर अब उन देशों पर भी पड़ सकता है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं जैसे कि मिस्र, ट्यूनीशिया और केन्या।
- खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों के रोजगार पर संकट आ सकता है।
- दुबई और मनामा जैसे शहरों में असुरक्षा बढ़ने पर प्रवासी कामगारों को घर लौटना पड़ सकता है।
- अफ्रीकी देशों के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स का काम बीच में रुकने की संभावना है।
- ईंधन की कीमतों में उछाल आने से आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ेगा।




