Gulf में बढ़ी US सेना की हलचल, अमेरिका और इज़राइल की ईरान के खिलाफ बड़ी तैयारी, प्रवासियों पर पड़ेगा असर
खाड़ी देशों में तनाव का माहौल काफी गरमाता जा रहा है और युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिका और इज़राइल की सेनाएं ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य रणनीति पर काम कर रही हैं जिसे ‘Project Force’ के तहत देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे कूटनीतिक रास्ता अपनाएं, वरना सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहें। खाड़ी के इलाकों में भारी संख्या में अमेरिकी सैनिकों और घातक जंगी जहाजों की तैनाती शुरू हो गई है जो किसी भी समय सक्रिय हो सकते हैं।
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खाड़ी में कितनी बड़ी है अमेरिका की नई सैन्य तैनाती?
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय CENTCOM ने अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में नए सैनिकों और हथियारों की मांग की है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से काफी अहम है क्योंकि यहाँ सैन्य हलचल पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है। तैनाती से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- 82nd Airborne Division: अमेरिका की इस विशिष्ट सेना यूनिट को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया है जो तेजी से एंट्री करने और हमला करने के लिए जानी जाती है।
- USS Boxer और USS Tripoli: इन दो बड़े समुद्री जंगी जहाजों के साथ करीब 4,500 मरीन सैनिक और F-35 स्टेल्थ फाइटर विमान तैनात किए जा रहे हैं।
- सैनिकों की संख्या: इस विवाद के शुरू होने के बाद से अब तक करीब 7,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक इस क्षेत्र में पहुँच चुके हैं।
- ऑपरेशन एपिक फ्युरी: अमेरिका और इज़राइल मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा हवाई अभियान चला रहे हैं जो अब और भी हिंसक होता जा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है मौजूदा स्थिति?
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता फिलहाल बंद नजर आ रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा था जिसे ईरान ने ठुकरा दिया है। खाड़ी के देशों के आर्थिक हालात पर इसका असर पड़ना शुरू हो गया है क्योंकि ईरान ने महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया है।
| विषय | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| युद्ध विराम (Ceasefire) | ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज किया और अपनी शर्तें रखीं |
| Strait of Hormuz | ईरान जहाजों से टोल वसूल रहा है, जिससे समुद्री व्यापार महंगा हो रहा है | अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सप्ताहांत तक रास्ता पूरी तरह खोलने का समय दिया है |
| परमाणु सामग्री | अमेरिका ने संकेत दिया है कि परमाणु सामान को सुरक्षित करने के लिए वे ईरान के अंदर घुस सकते हैं |
| तेल का कारोबार | ईरान के Kharg Island पर हमले या कब्जे का खतरा बढ़ गया है जिससे तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं |
खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों में रुकावट आने से नौकरी और महंगाई पर सीधा असर पड़ता है। फिलहाल दोनों देश अपनी-अपनी सैन्य ताकतों को आमने-सामने खड़ा कर चुके हैं और डिप्लोमेसी के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं।




