US-Israel war on Iran: ईरान में 3,375 लोगों की मौत की पुष्टि, इस्लामाबाद में बातचीत रही नाकाम
ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है। ईरान के फोरेंसिक मेडिसिन संगठन ने अब तक 3,375 लोगों के शवों की पहचान की है। वहीं, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई और अमेरिकी टीम वहां से वापस चली गई है।
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ईरान में जान-माल का कितना नुकसान हुआ
ईरान के अधिकारियों ने युद्ध में मारे गए लोगों का डेटा जारी किया है। इसमें महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या भी शामिल है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत शवों की पहचान शुरू में नहीं हो पाई थी जिन पर अब काम चल रहा है।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल पहचाने गए शव | 3,375 |
| महिलाएं | 258 |
| बच्चे | 221 |
| स्वास्थ्य कर्मी (मृतक) | 26 |
| स्वास्थ्य कर्मी (घायल) | 118 |
| क्षतिग्रस्त मेडिकल यूनिट | 400 से ज्यादा |
इस्लामाबाद में बातचीत क्यों रही नाकाम
पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक गहन चर्चा हुई। लेकिन दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया और अमेरिकी टीम वापस लौट गई। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और गैरकानूनी थीं। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों को हटाने और युद्ध के मुआवजे जैसे मुद्दों पर दोनों पक्ष एक बात पर सहमत नहीं हुए।
लेबनान और आसपास के देशों में क्या स्थिति है
ईरान के साथ-साथ लेबनान में भी तनाव बढ़ा हुआ है। लेबनान से उत्तरी इसराइल की तरफ रॉकेट दागे गए और इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में भारी तबाही मचाई। ब्रिटेन और ओमान की सरकारों ने इस मामले में दखल दिया और युद्ध रोकने की अपील की है। इसी बीच ईरान ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर गुप्त जानकारी साझा करने का आरोप है।




