US Army Action: अमेरिकी सेना ने ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर को किया तबाह, समुद्री रास्ते पर बड़ा अपडेट
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में मौजूद एक बड़े अंडरग्राउंड सैन्य ठिकाने पर हमला कर उसे भारी नुकसान पहुंचाया है। एडमिरल ब्रॉड कूपर ने पुष्टि की है कि इस कार्रवाई के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते में ईरान की दखल देने की क्षमता काफी कम हो गई है। अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन में 5,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई है जब दोनों देशों के बीच युद्ध को 22 दिन बीत चुके हैं।
हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेना ने इस हमले के जरिए ईरान के उन खास केंद्रों को निशाना बनाया है जो समुद्री जहाजों पर हमले के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। नष्ट किए गए ठिकानों की जानकारी नीचे दी गई है:
- पहाड़ों के नीचे बने वे स्टोर जहां क्रूज मिसाइलें और अन्य आधुनिक हथियार रखे थे।
- जहाजों की मूवमेंट पर नजर रखने वाले रडार सिस्टम और रिले सेंटर।
- खुफिया जानकारी साझा करने वाली इंटेलिजेंस सपोर्ट साइट्स।
- ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर भी हवाई हमला हुआ है जहां कोई रेडिएशन नहीं पाया गया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रहा है बदलाव?
इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिका को अन्य देशों का भी साथ मिल रहा है। ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है ताकि ईरानी ठिकानों पर हमले किए जा सकें। इजरायल ने भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इन हमलों की तीव्रता और अधिक बढ़ाई जाएगी। दूसरी ओर, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी चेतावनी दी है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए न होने दे। इस तनाव के कारण समुद्री रास्तों से होने वाला व्यापार फिलहाल लगभग रुका हुआ है जिससे दुनिया भर के ऊर्जा बाजार पर असर पड़ रहा है।




