अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान की इस्लामाबाद में हुई सीधी बातचीत, मध्य पूर्व युद्ध खत्म करने की कोशिश, व्हाइट हाउस ने की पुष्टि
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि तीनों देशों के प्रतिनिधि सीधे आमने-सामने बैठकर बातचीत कर रहे हैं। यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि पहले अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अक्सर मध्यस्थों के जरिए अलग-अलग कमरों में होती थी।
इस बड़ी बैठक में कौन-कौन शामिल रहा
| देश | प्रमुख प्रतिनिधि |
|---|---|
| अमेरिका | उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner, Andrew Baker, Michael Vance |
| पाकिस्तान | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, इशाक डार, सेना प्रमुख असीम मुनीर, मोहसिन नकवी, लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक |
| ईरान | संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची, अली अकबर अहमदियान, अब्दुलनसर हेम्मती |
बातचीत की मुख्य शर्तें और मुद्दे क्या थे
ईरान की मुख्य शर्त यह थी कि उसकी जमी हुई संपत्ति को अनफ्रीज किया जाए और लेबनान में युद्धविराम हो। दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को साफ करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार न हो। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी समझौते पर मुहर नहीं लगी है और जमे हुए ईरानी संपत्ति को जारी करने पर सहमति नहीं बनी है।
पाकिस्तान ने इस बैठक के लिए क्या तैयारी की
पाकिस्तान इस संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने में मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उम्मीद जताई कि यह बातचीत क्षेत्र में शांति लाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। बैठक के लिए इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई और दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित की गई। सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सेना, ISI, इस्लामाबाद पुलिस और रेंजर्स को तैनात किया गया है।




