अमेरिका कर रहा ईरान में जमीनी हमले की तैयारी, 2500 मरीन जवान भेजे गए, UAE पोर्ट पर अलर्ट
इजरायली चैनल 14 और SaudiNews50 की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका अब ईरान में जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. इसके लिए पेंटागन ने USS Tripoli जहाज को करीब 2500 अमेरिकी मरीन जवानों के साथ गल्फ इलाके में भेज दिया है. अब तक केवल हवाई हमले किए जा रहे थे, लेकिन अब न्यूक्लियर ठिकानों को सुरक्षित करने के लिए जमीनी सेना का विकल्प तलाशा जा रहा है.
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क्या है अमेरिका और इजरायल का नया प्लान?
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने 14 मार्च को साफ किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. पिछले दो हफ्तों में US CENTCOM और इजरायली सेना ने मिलकर 15 हजार से ज्यादा हवाई हमले किए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह अभी किसी शांति समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को कब्जे में लेने के लिए भविष्य में जमीनी सेना का इस्तेमाल हो सकता है. वहीं अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि Strait of Hormuz को खुला रखने के लिए उनके पास पूरी रणनीति तैयार है. इसके अलावा इजरायल ने भी लेबनान बॉर्डर पर अपने एक लाख सैनिकों को तैनात कर दिया है.
UAE और सऊदी अरब पर क्या हो रहा है असर?
इस युद्ध का सीधा असर गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापार पर पड़ रहा है. कमर्शियल जहाजों के लिए Strait of Hormuz लगभग बंद कर दिया गया है.
- ईरान ने 14 मार्च को UAE को अपने तीन बड़े पोर्ट खाली करने की चेतावनी दी है. ईरान का दावा है कि इन जगहों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना कर रही है.
- सऊदी अरब की कैबिनेट ने साफ किया है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे.
- सऊदी सेना ने हाल ही में वीकेंड पर ईरान की तरफ से दागे गए 6 मिसाइल और कई ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि इलाके में मौजूद अमेरिकी बेस उनके निशाने पर हैं. इन हालातों के कारण गल्फ देशों में हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है.




