जर्मनी का बड़ा बयान, लाल सागर में यूरोपीय संघ का नौसेना मिशन रहा बेअसर, होर्मुज में विस्तार पर संशय
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल (Johann Wadephul) ने यूरोपीय संघ (EU) के नौसेना मिशन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि लाल सागर (Red Sea) में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए चलाया गया अभियान ‘Aspides’ प्रभावी नहीं रहा है. इसके साथ ही उन्होंने इस मिशन को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर गहरा संशय व्यक्त किया है.
क्या है पूरा मामला और विदेश मंत्री ने क्या कहा
जर्मनी के एआरडी ब्रॉडकास्टर (ARD broadcaster) को दिए एक इंटरव्यू में विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने अपनी चिंताएं स्पष्ट कीं. 15 मार्च 2026 को दिए इस बयान में उन्होंने बताया कि लाल सागर में जो मिशन शुरू किया गया था, वह अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है. कमर्शियल शिपमेंट की मदद के लिए जो कदम उठाए गए थे, उनका कोई खास असर जमीन पर नहीं दिखा.
उन्होंने आगे कहा कि अगर इस ‘Aspides’ नौसेना मिशन को होर्मुज जलडमरूमध्य तक बढ़ाया जाता है, तो इससे सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं होने वाला है. इसी वजह से जर्मनी इस विस्तार के पक्ष में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है.
यूरोपीय संघ के ‘Aspides’ मिशन के बारे में मुख्य बातें
- यह मिशन लाल सागर में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया था.
- इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था.
- अब इस मिशन को होर्मुज जलडमरूमध्य तक बढ़ाने की योजना पर चर्चा हो रही है.
- जर्मनी के विदेश मंत्री ने इस विस्तार को सुरक्षा के लिहाज से बेअसर माना है.
गल्फ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका प्रभाव
लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक हैं. गल्फ देशों से होने वाला ज्यादातर व्यापार और तेल की सप्लाई इन्हीं रास्तों से होती है. ऐसे में अगर सुरक्षा मिशन प्रभावी नहीं होता है, तो इसका सीधा असर कमर्शियल शिपमेंट और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर पड़ता है.
गल्फ में रहने वाले और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी अहमियत रखती है. फिलहाल इस मामले में कोई नया नियम या आधिकारिक फैसला लागू नहीं हुआ है, लेकिन जर्मनी के इस रुख से यूरोपीय संघ की भविष्य की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है.




