US Navy Action: अमेरिका का जंगी जहाज USS Tripoli 2500 सैनिकों के साथ मध्य पूर्व की ओर रवाना, ईरान तनाव के बीच लिया गया बड़ा फैसला
अमेरिका ने मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। एक अमेरिकी जंगी जहाज, जिस पर हजारों मरीन सैनिक सवार हैं, मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार 17 मार्च 2026 को इस जहाज को सिंगापुर के पास मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) में देखा गया। यह फैसला अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण लिया गया है।
जहाज पर क्या-क्या हथियार और सैनिक मौजूद हैं
इस अमेरिकी जंगी जहाज का नाम USS Tripoli (LHA-7) है। यह जहाज 11 मार्च को जापान के ओकिनावा बेस से रवाना हुआ था और फिलहाल दक्षिण चीन सागर होते हुए आगे बढ़ रहा है।
इस जहाज पर सेना और हथियारों की भारी तैनाती की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- 31st Marine Expeditionary Unit (MEU) के लगभग 2,200 से 2,500 मरीन सैनिक और नौसैनिक।
- आधुनिक F-35B Lightning II स्टेल्थ फाइटर जेट्स।
- MV-22B Osprey एयरक्राफ्ट जो समुद्र से जमीन पर हमला करने और रेस्क्यू में इस्तेमाल होते हैं।
यह यूनिट बहुत कम समय में किसी भी हमले या बचाव कार्य के लिए तैयार रहने वाली स्पेशल फोर्स मानी जाती है।
इस तैनाती का मुख्य कारण क्या है
28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया था। इसी के बाद से ईरान की ओर से इजरायल, जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल से हमले हो रहे हैं। इन्ही हमलों को रोकने के लिए इस जहाज को सही लोकेशन पर तैनात किया जा रहा है।
इस नई तैनाती की मांग U.S. Central Command (CENTCOM) ने की थी, जिसे रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने मंजूरी दी है। पेंटागन के अधिकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों को सुरक्षा देना और किसी भी अचानक आने वाले संकट से निपटना है।
राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार को कहा कि यह संघर्ष इस हफ्ते खत्म नहीं होगा लेकिन जल्द ही समाप्त हो जाएगा।
ग्लोबल ट्रैफिक और अमेरिका का नया इनाम
इस युद्ध के कारण दुनिया भर के हवाई और समुद्री यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है। खास तौर पर Strait of Hormuz के इलाके में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि यूरोपीय देशों ने इस इलाके में अपनी सेना भेजने की अमेरिकी मांग को ठुकरा दिया है।
इन सब के बीच अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. State Department) ने एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका ने ईरान के उन बड़े अधिकारियों की जानकारी देने वालों के लिए 10 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है, जो इस इलाके में सैन्य ऑपरेशन्स को अंजाम दे रहे हैं।




