US Army का बड़ा खुलासा, ईरान ने जानबूझकर होटलों और रिहायशी इलाकों पर दागे मिसाइल
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बेहद गंभीर खुलासा किया है। 8 मार्च 2026 को जारी एक बयान में अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान ने जानबूझकर आम नागरिकों की जगहों को निशाना बनाया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने न सिर्फ मिलिट्री ठिकानों पर बल्कि होटलों, एयरपोर्ट और रिहायशी बस्तियों पर भी हमले किए हैं, जो सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
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किन-किन जगहों को बनाया गया निशाना?
CENTCOM ने एक लिस्ट जारी की है जिसमें उन 14 आम जगहों का जिक्र है जहां ईरानी ड्रोन और मिसाइल गिरे हैं। इसमें दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कुवैत और अबू धाबी के एयरपोर्ट शामिल हैं। रिपोर्ट बताती है कि दुबई के मशहूर बुर्ज अल अरब और फेयरमोंट पाम जैसे होटलों को भी टारगेट किया गया। इसके अलावा बहरीन के मनामा और कतर के कई रिहायशी इलाकों में भी हमलों की खबर है।
- Airports: दुबई, कुवैत और इरबिल के हवाई अड्डे।
- Hotels: बुर्ज अल अरब, फेयरमोंट पाम (दुबई) और क्राउन प्लाजा (बहरीन)।
- रिहायशी इलाके: मनामा (बहरीन), तेल अवीव और कतर के रिहायशी क्षेत्र।
अमेरिका और सऊदी अरब ने क्या कदम उठाए?
इस हमले के जवाब में अमेरिका ने अपने B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल करके ईरान के मिसाइल ठिकानों पर बमबारी की है। सऊदी अरब ने भी इसे कायरतापूर्ण हरकत बताया है और क्राउन प्रिंस ने सेना को किसी भी हवाई उल्लंघन का जवाब देने का आदेश दिया है। कुवैत में अमेरिकी एम्बेसी पर हमले के बाद वहां से स्टाफ को निकालने का आदेश जारी किया गया है, जिससे स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।
खाड़ी में रह रहे लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
खाड़ी देशों (Gulf Countries) में लाखों भारतीय काम करते हैं और इस तनाव से उनकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुवैत, दुबई और बहरीन जैसे शहरों में आम जगहों को निशाना बनाए जाने की खबर से लोगों में डर का माहौल है। जो लोग इन देशों की यात्रा करने वाले हैं या वहां रहते हैं, उन्हें अपनी एम्बेसी और स्थानीय सरकार के दिशा-निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए। उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है क्योंकि कई एयरपोर्ट सीधे टारगेट लिस्ट में बताए गए हैं।





