Strait of Hormuz बना ‘डेड ज़ोन’, पुतिन की चेतावनी से हिला बाज़ार, पेट्रोल-डीज़ल पर बड़ा संकट
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान से जुड़े युद्ध को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इस तनाव की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा का गहरा संकट पैदा हो गया है। Strait of Hormuz के जरिए होने वाली तेल की सप्लाई रुकने के डर से बाज़ार में खलबली मची हुई है। कुवैत और अन्य खाड़ी देशों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि वहां से तेल बाहर भेजने का रास्ता फिलहाल बंद जैसा हो गया है।
कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई का ताजा हाल
बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। Brent Crude की कीमत शुरुआत में 119 डॉलर के पार चली गई थी, जो G7 देशों के हस्तक्षेप के बाद अब 101 डॉलर के आसपास है। Strait of Hormuz से दुनिया का करीब 20 से 25 प्रतिशत समुद्री तेल व्यापार होता है, जिसे विशेषज्ञों ने अब ‘डेड ज़ोन’ घोषित कर दिया है।
| तेल का प्रकार | कीमत (प्रति बैरल) |
|---|---|
| Brent Crude | $101 |
| WTI (US Oil) | $100 |
| Russian Oil | $62 |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां की कंपनियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है। कुवैत, UAE और इराक ने तेल के उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है क्योंकि उनके पास स्टोरेज भर चुका है और एक्सपोर्ट का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। कतर ने भी अपनी LNG सप्लाई फिलहाल रोक दी है। पुतिन ने चेतावनी दी है कि रूस यूरोप को होने वाली गैस सप्लाई को समय से पहले बंद कर सकता है और अपना ध्यान एशिया के बाज़ारों पर लगाएगा।
- Strait of Hormuz में 9 मार्च की सुबह एक भी टैंकर मौजूद नहीं था।
- सैकड़ों तेल टैंकर रास्ते के बाहर फंसे हुए हैं।
- कतर के ऊर्जा मंत्री ने तेल की कीमतें 150 डॉलर तक पहुंचने का डर जताया है।
- G7 देश तेल के रिज़र्व को बाज़ार में उतारने पर चर्चा कर रहे हैं।
- एशियाई शेयर बाज़ारों में 5 से 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
- भारत जैसे देशों के लिए अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के नियमों में 30 दिन की ढील दी है।




