West Asia Conflict: भारत सरकार ने कसी कमर, हवाई किराए पर लगा 25% का कैप, अब अचानक नहीं बढ़ेंगे दाम.
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रियों के एक विशेष समूह (IGoM) के साथ दूसरी बड़ी बैठक की है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया की हलचल का असर भारत के आम नागरिक की जेब और देश की जरूरी सप्लाई पर न पड़े। इसके लिए 24 घंटे स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी संकट आने पर तुरंत कदम उठाए जा सकें।
आम आदमी और फ्लाइट यात्रियों को क्या मिली राहत?
पश्चिम एशिया के संकट की वजह से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का डर बना हुआ है। इसे देखते हुए सरकार ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं। हवाई यात्रा करने वालों को राहत देने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की मासिक कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी पर 25% की सीमा (Cap) लगा दी गई है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से ही लागू माना जाएगा। इससे फायदा यह होगा कि विमान कंपनियां अचानक से फ्लाइट टिकट के दाम बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा पाएंगी।
- 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर जून 2026 तक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है।
- घरेलू LPG यानी रसोई गैस की सप्लाई को सबसे ऊपर रखा जाएगा ताकि घरों में किल्लत न हो।
- जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- मजदूरों और छोटे परिवारों के लिए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड सिलेंडर की बिक्री पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की प्राथमिकता और जरूरी आंकड़े
इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई दिग्गज मंत्री शामिल हुए। सरकार का मुख्य मकसद ऊर्जा सुरक्षा यानी पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को बनाए रखना और उद्योगों को चालू रखना है। औद्योगिक जरूरतों के लिए कमर्शियल गैस की सप्लाई को अभी भी 80% के स्तर पर बरकरार रखा गया है ताकि फैक्ट्रियां बंद न हों।
| विषय | लिया गया फैसला |
|---|---|
| हवाई ईंधन (ATF) | कीमत बढ़ने पर 25% का कैप लगाया गया |
| पेट्रोकेमिकल्स | 40 आइटम पर जून 2026 तक ड्यूटी माफ |
| निगरानी | 24 घंटे की जाएगी स्थिति की मॉनिटरिंग |
| LPG सिलेंडर | 4.3 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे गए |
रक्षा मंत्री ने साफ किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर कम से कम असर पड़े, इसके लिए सभी मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह को आगे न बढ़ाएं।




