West Bank में बढ़ी हिंसा, इसराइली सेटलर्स ने हजारों फिलिस्तीनियों को घर से निकाला, UN ने जताई चिंता
West Bank में हालात बहुत खराब हो गए हैं और लोग अब अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं. इसराइली सेटलर्स की हिंसा के कारण बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों को अपने घर और समुदाय छोड़ने पड़े हैं. UN और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और इसे लोगों को जबरदस्ती हटाने की एक सोची-समझी कोशिश बताया है.
विस्थापन और हिंसा के मुख्य आंकड़े क्या हैं?
साल 2026 की शुरुआत से ही West Bank में हिंसा काफी बढ़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अब तक लगभग 1,700 फिलिस्तीनियों को हमलों और पाबंदियों की वजह से अपना घर छोड़ना पड़ा है. यह संख्या पिछले पूरे साल 2025 से भी ज्यादा है.
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
|---|---|
| कुल विस्थापित (जनवरी 2026 से) | लगभग 1,700 लोग |
| विस्थापित बच्चे (पहले 3 महीने) | 685 बच्चे |
| कुल मौतें (28 फरवरी से 8 अप्रैल) | 22 फिलिस्तीनी |
| सेटलर्स द्वारा की गई मौतें | कम से कम 6 लोग |
| हिंसा की घटनाएं (अक्टूबर 2025 तक) | 1,732 घटनाएं |
| मार्च की शुरुआत में हिंसा में वृद्धि | 25% की बढ़ोतरी |
इसराइली सरकार और अधिकारियों की क्या भूमिका रही?
कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों की नफरत भरी बातों से सेटलर्स को बढ़ावा मिला है. National Security Minister Itamar Ben-Gvir ने 18 अवैध बस्तियों में इसराइलियों को गन लाइसेंस देने की मंजूरी दी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता और यहूदी कानून से ऊपर हैं.
इसके अलावा, Finance Minister Bezalel Smotrich सैन्य अधिकारियों से शक्तियां लेकर उन्हें नागरिक अधिकारियों को सौंपने का काम कर रहे हैं. Save the Children की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइली कैबिनेट ने ऐसे कदम उठाए हैं जिससे सेटलर्स के लिए जमीन कब्जा करना आसान हो गया है.
UN और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या चेतावनी दी है?
UN Human Rights Office ने मार्च 2026 की एक रिपोर्ट में कहा कि यह सब लोगों को जबरदस्ती हटाने की एक बड़ी नीति का हिस्सा है. UN के विशेषज्ञों ने इसे “जातीय सफाई” (ethnic cleansing) का अभियान बताया है. Volker Turk ने इसराइल से बस्तियों के विस्तार को तुरंत रोकने और विस्थापित लोगों को वापस लौटने देने की मांग की है.
International Court of Justice ने भी यह तय किया है कि Occupied Palestinian Territory में इसराइल की मौजूदगी गैरकानूनी है. State of Palestine ने UN सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इस स्थिति में तुरंत दखल दें क्योंकि सेटलर्स की हिंसा अब एक हथियार की तरह इस्तेमाल हो रही है.




