हूतियों ने इसराइल पर दागी मिसाइलें, अब यमन को सता रहा जवाबी हमले का डर, सना में बढ़ी महंगाई
ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव में अब यमन के हूती विद्रोही भी पूरी तरह शामिल हो गए हैं। हूतियों ने इसराइल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है जिसके बाद यमन की राजधानी सना में आम लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। नागरिकों को डर है कि इसराइल अब यमन पर बड़े हवाई हमले करेगा जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं और ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है।
हूतियों के हमले और यमन की मौजूदा स्थिति
यमन के हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में 6 अप्रैल 2026 को इसराइल के दक्षिणी इलाकों में मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। सना के निवासियों का कहना है कि जैसे ही इसराइल अपनी जवाबी कार्रवाई शुरू करेगा, उनकी रही-सही शांति भी खत्म हो जाएगी। शहर में पहले से ही सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं और लोगों को हवाई हमलों का साया हर वक्त सता रहा है। हूती प्रमुख अब्दुल-मालिक अल-हूती ने साफ कहा है कि इस जंग से पीछे हटना उनके लिए कोई विकल्प नहीं है।
इसराइल और अमेरिका की ईरान को कड़ी चेतावनी
इस बीच इसराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कई बड़े ठिकानों को निशाना बनाया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने की मुख्य वजहें और ताजा घटनाक्रम नीचे दिए गए हैं:
| मुख्य अपडेट | विवरण |
|---|---|
| हॉर्मुज जलडमरूमध्य | ट्रंप ने ईरान को इसे मंगलवार रात तक खोलने का समय दिया है |
| इसराइली हमले | ईरान के तीन हवाई अड्डों और सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया |
| ईरान का रुख | ईरान ने युद्ध विराम के ताजा प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकरा दिया है |
| लेबनान में असर | इजरायली हमलों की वजह से लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए |
परमाणु सुरक्षा और शांति प्रयासों पर संकट
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यह संकट अब एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। उन्होंने दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है। वहीं परमाणु निगरानी संस्था IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि ईरान के बुशहर परमाणु प्लांट के पास हो रहे हमले परमाणु सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं। इसराइल ने साफ किया है कि वह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की आर्थिक ताकत को खत्म करने के लिए अपने अभियान जारी रखेगा।




