दर्जनों ज़िलों और 3 राज्य को कनेक्ट करने जा रहा हैं ज़बरदस्त लंबा Expressway. UP से सिक्किम तक पहुँचना होगा Nonstop
भारतमाला परियोजना के तहत महत्वाकांक्षी गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्स्प्रेसवे उत्तर भारत में कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे गोरखपुर, उत्तर प्रदेश को सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा और पूर्वोत्तर राज्यों तक आसान पहुंच प्रदान करेगा।
मार्ग विवरण
- शुरुआती बिंदु: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
- अंतिम बिंदु: सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल
- कुल लंबाई: लगभग 519 किलोमीटर
- प्रमुख राज्य जहां से गुजरेगा: उत्तर प्रदेश, बिहार, और पश्चिम बंगाल
- मुख्य शहरों से संपर्क: कुशीनगर, देवरिया, सलेमपुर, बलिया (उत्तर प्रदेश), गोपालगंज, सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज (बिहार)
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के फायदे
- बेहतर यात्रा समय: वर्तमान में, गोरखपुर और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा में लगभग 10-12 घंटे लगते हैं। इस एक्सप्रेसवे के आ जाने से यात्रा का समय घटकर लगभग 6 घंटे हो जाएगा।
- उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल का विकास: एक्सप्रेसवे विभिन्न औद्योगिक गलियारों से जुड़ेगा, जो क्षेत्र में रोजगार के अवसरों और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ा सकता है।
- पर्यटन का बढ़ावा: एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान हो जाएगी।
- बेहतर व्यापार कनेक्टिविटी: व्यवसायों को माल परिवहन की बढ़ती सहूलियत से लाभ होगा, जिससे नए बाजारों तक पहुंच बनेगी और व्यापार बढ़ने की संभावना बढ़ेगी।
एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
- 6-लेन एक्सप्रेसवे: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को गति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 6-लेन एक्सप्रेसवे के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: यह एक बिल्कुल नया एक्सप्रेसवे है, जो मौजूदा सड़कों का उन्नयन नहीं है। इससे तेज, सुरक्षित और यातायात को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलती है।
- अत्याधुनिक सुविधाएं: एक्सप्रेसवे में आराम करने के स्थान, फूड कोर्ट, ट्रॉमा सेंटर और पेट्रोल पंप जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की सुविधा होगी।
परियोजना की वर्तमान स्थिति
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे अभी भी निर्माणाधीन है। परियोजना को कई चरणों में बांटा गया है, और भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया कई जगह चल रही है। अलग-अलग हिस्सों के पूरा होने की अलग-अलग समय सीमाएं हैं।





