अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ दर्शन के बहाने पहुंचे एक अधेड़ उम्र के शख्स ने मंदिर परिसर के भीतर नमाज पढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उस व्यक्ति को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसकी मंशा का पता लगाया जा सके।
सामान्य श्रद्धालु बनकर कतार में लगा और दर्शन करने के बाद लौटते वक्त अचानक करने लगा नमाज पढ़ने की कोशिश
यह व्यक्ति सामान्य श्रद्धालुओं की तरह ही कतार में लगकर मंदिर परिसर में दाखिल हुआ था। उसने बिल्कुल आम भक्त की तरह भगवान रामलला के दर्शन किए, लेकिन लौटते वक्त उसकी गतिविधियां संदिग्ध हो गईं। उसने परिसर के भीतर ही एक स्थान पर नमाज पढ़ने का उपक्रम शुरू किया। सुरक्षा घेरे में तैनात जवानों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उन्होंने बिना वक्त गंवाए कार्रवाई की और उसे मौके पर ही दबोच लिया।
हिरासत में लिए गए शख्स की उम्र 50 से 55 वर्ष के बीच, खुफिया एजेंसियां खंगाल रही हैं पुरानी कुंडली और मंशा
सुरक्षाकर्मियों द्वारा पकड़े गए इस व्यक्ति की उम्र 50 से 55 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। उसे पकड़कर तुरंत पूछताछ के लिए ले जाया गया है। पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का कदम उठाने के पीछे उसका असली मकसद क्या था। क्या यह मात्र एक व्यक्तिगत निर्णय था या इसके पीछे कोई उकसावा है, इन सभी पहलुओं पर बारीकी से गौर किया जा रहा है।
संदिग्ध के तार जम्मू-कश्मीर से जुड़े होने की आशंका, मोबाइल रिकॉर्ड और पुराने संपर्कों की हो रही है गहन जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि कहीं इस व्यक्ति का कनेक्शन जम्मू-कश्मीर या किसी अन्य संदिग्ध नेटवर्क से तो नहीं है। उसके पृष्ठभूमि, यात्रा इतिहास और संपर्कों को खंगाला जा रहा है। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह मामला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है, इसलिए केंद्रीय एजेंसियां भी स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बना रही हैं।
घटना के बाद राम जन्मभूमि परिसर में हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर बढ़ाई गई सुरक्षा और कड़ी की गई निगरानी
इस घटना के प्रकाश में आते ही राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की चेकिंग प्रक्रिया व निगरानी को सख्त कर दिया गया है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है ताकि भविष्य में सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।





