PM मोदी ने फ़िलिस्तीन के समर्थन में किया बड़ा ऐलान, अरब देशों के साथ मिलकर करेंगे 500 बिलियन का व्यापार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरब देशों के नेताओं ने शनिवार, 31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक की। इस ‘Second India-Arab Foreign Ministers’ Meeting’ में दोनों पक्षों ने ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनाया और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में गाजा में शांति बहाली, फ़िलिस्तीन के मुद्दे और व्यापार को दोगुना करने पर सहमति बनी है। पीएम मोदी ने अरब दुनिया को भारत का विस्तारित पड़ोसी बताया है।
फ़िलिस्तीन और गाजा पर भारत का क्या है रुख?
भारत और अरब लीग ने मिलकर एक स्वतंत्र और संप्रभु फ़िलिस्तीन राज्य की वकालत की है। दोनों पक्षों ने कहा कि 1967 की सीमाओं के आधार पर फ़िलिस्तीन और Israel को एक-दूसरे के साथ शांति से रहना चाहिए। बैठक में गाजा में सीजफायर का पूरा समर्थन किया गया और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का पालन करने की बात कही गई। भारत ने अब तक फ़िलिस्तीन को 170 मिलियन डॉलर की मदद दी है और वहां 40 मिलियन डॉलर के कई प्रोजेक्ट्स अभी भी चल रहे हैं।
2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और अरब देशों ने फैसला किया है कि 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करके 500 बिलियन डॉलर तक ले जाया जाएगा। अभी यह व्यापार सालाना करीब 240 बिलियन डॉलर का है। इसके अलावा, दोनों पक्ष अब अपनी-अपनी करेंसी में लेनदेन करने के सिस्टम पर विचार कर रहे हैं। इससे विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम होगी और सामान खरीदने या बेचने में ट्रांजेक्शन का खर्चा भी काफी कम हो जाएगा। ‘Executive Program’ के तहत 2026 से 2028 तक सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
शांति और सुरक्षा पर हुए बड़े फैसले
बैठक में आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई। अरब देशों ने विशेष रूप से 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। लाल सागर में हुती विद्रोहियों के हमलों और सूडान-यमन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। यह भी जानकारी मिली है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘Board of Peace’ में शामिल होने का न्योता दिया है, जो गाजा में युद्ध के बाद विकास कार्यों की निगरानी करेगा। अगला भारत-अरब सम्मेलन 2026 में किसी अरब देश में आयोजित किया जाएगा।




