Budget 2026: शेयर बाजार में STT की दरें बढ़ी, ऑप्शन ट्रेडिंग पर अब देना होगा ज्यादा टैक्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार 9वां बजट भाषण था। इस बार बजट में शेयर बाजार के निवेशकों, खास तौर पर फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग करने वालों के लिए टैक्स से जुड़ी बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने डेरिवेटिव सेगमेंट में बढ़ती सट्टेबाजी को रोकने के लिए प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।
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F&O ट्रेडिंग पर कितना बढ़ा टैक्स?
बजट प्रस्ताव के अनुसार, अब शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना थोड़ा महंगा हो जाएगा। सरकार ने ऑप्शंस और फ्यूचर्स दोनों पर टैक्स की दरों में बदलाव किया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है। यहां जानिए किस सेगमेंट में कितना टैक्स बढ़ा है:
- ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options): ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
- ऑप्शंस एक्सरसाइज: इसे 0.125% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव है।
- फ्यूचर्स ट्रेडिंग (Futures): फ्यूचर्स पर STT की दर 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दी गई है।
- कमोडिटी फ्यूचर्स: कमोडिटी मार्केट में भी फ्यूचर्स पर टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% होगा।
बायबैक और इनकम टैक्स पर क्या हुआ फैसला?
शेयर बायबैक को लेकर भी नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब कंपनियों द्वारा किए जाने वाले शेयर बायबैक से होने वाली कमाई पर शेयरधारकों को टैक्स देना होगा। इसे शेयरधारक के हाथों में ‘कैपिटल गेन्स’ माना जाएगा। पहले यह टैक्स कंपनी के स्तर पर लगता था। इसके अलावा, व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, सरकार ने घोषणा की है कि नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिसका मकसद नियमों को सरल बनाना है।
रविवार को खुले बाजार पर कैसा रहा असर?
इतिहास में पहली बार रविवार को बजट पेश होने के कारण शेयर बाजार (NSE और BSE) भी खुला रहा। F&O पर टैक्स बढ़ने की खबर आते ही बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। दोपहर तक निफ्टी में करीब 1.79% और सेंसेक्स में 1.54% तक की गिरावट दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य रिटेल निवेशकों के जोखिम को कम करना और बाजार में सट्टेबाजी को नियंत्रित करना है।





