कतर सरकार का बड़ा फैसला, ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के आयात पर लगी रोक
कतर कैबिनेट ने बुधवार, 25 फरवरी 2026 को हुई अपनी साप्ताहिक बैठक में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसिम अल थानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध लगाने के दो मसौदा फैसलों को मंजूरी दी गई है। इस फैसले का मकसद हानिकारक उत्सर्जन को कम करना और देश को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में काम करना है।
🗞️: Saudi Arabia: रमज़ान के पहले हफ्ते में 10,000 दुकानों की चेकिंग, कीमतों को लेकर सख्त निर्देश जारी।
किन चीजों पर लगाई गई है रोक?
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए गए इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य उन रसायनों के आयात को रोकना है जो ओजोन परत को कमजोर करते हैं और ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनते हैं। सरकार ने यह कदम ‘कतर नेशनल विजन 2030’ और अंतरराष्ट्रीय समझौतों, जैसे कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए उठाया है।
न्याय मंत्री इब्राहिम बिन अली अल मोहन्नदी ने बताया कि इन फैसलों से सुरक्षित विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि कतर दुनिया भर में चल रहे जलवायु परिवर्तन अभियान में भी अपना योगदान दे सकेगा।
इसका आम लोगों और व्यापार पर क्या असर होगा?
इस प्रतिबंध का सीधा असर रेफ्रिजरेशन (फ्रिज), एयर कंडीशनिंग (AC) और फायर फाइटिंग इंडस्ट्री पर पड़ेगा। ये उद्योग आमतौर पर हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन (HCFCs) जैसे रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। सरकार की योजना है कि 2030 तक इन हानिकारक पदार्थों के आयात को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए।
जो व्यापारी या कंपनियां इन रसायनों का कारोबार करती हैं, उन्हें अब मंत्रालय द्वारा तय की गई मात्रा और नियमों का पालन करना होगा। मंत्रालय हर साल अक्टूबर में आयात की अनुमति देने वाली मात्रा की समीक्षा करता है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में पुराने तकनीक वाले एसी और फ्रिज के बजाय नई और सुरक्षित तकनीक वाले उपकरणों का चलन बढ़ेगा।
कैबिनेट बैठक में और क्या हुआ?
पर्यावरण से जुड़े इस बड़े फैसले के अलावा, कैबिनेट ने कुछ और महत्वपूर्ण समझौतों को भी मंजूरी दी है। इसमें निवेश की सुरक्षा के लिए हांगकांग के साथ एक मसौदा समझौता शामिल है। इसके अलावा, रिपब्लिक ऑफ माली के साथ हवाई सेवाओं के समझौते और मिस्र (Egypt) के साथ निगरानी और ऑडिटिंग में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) को भी मंजूरी दी गई है।




