Kuwait Citizenship: कुवैत सरकार ने नागरिकता जांच कमेटी का किया गठन, फर्जी पासपोर्ट वालों पर गिरेगी गाज
कुवैत सिटी से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कुवैत सरकार ने अपनी नागरिकता जांच कमेटी (Supreme Committee for Citizenship Verification) में बड़ा बदलाव किया है। सरकारी गजट ‘Kuwait Alyoum’ में डिक्री नंबर 33/2026 जारी की गई है। इस आदेश के तहत कुवैत की नागरिकता से जुड़े मामलों की जांच के लिए कमेटी को फिर से तैयार किया गया है। इसका सीधा मकसद देश में नागरिकता से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकना और पुराने रिकॉर्ड्स को दुरुस्त करना है।
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कमेटी में कौन-कौन शामिल है?
इस नई सुप्रीम कमेटी की कमान काफी मजबूत हाथों में सौंपी गई है। इसके अध्यक्ष खुद कुवैत के पहले उप प्रधान मंत्री और गृह मंत्री Sheikh Fahad Yousef Saud Al-Sabah होंगे। उनके साथ इस टीम में विदेश मंत्री और कैबिनेट मामलों के मंत्री भी शामिल हैं। यह कमेटी अब सीधे तौर पर उन फाइलों की जांच करेगी जिनमें नागरिकता को लेकर कोई भी शक होगा। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी आए और फैसला लेने में आसानी हो।
किन लोगों पर होगा इसका असर?
यह फैसला उन लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है जिन्होंने गलत जानकारी देकर या झूठ बोलकर कुवैत की नागरिकता ली है। कमेटी का मुख्य काम दोहरी नागरिकता (Dual Nationality) रखने वालों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों को पकड़ना है।
- कुवैत के कानून के मुताबिक, अगर किसी ने अपनी मर्जी से दूसरी विदेशी नागरिकता ली है, तो उसकी कुवैती नागरिकता खत्म कर दी जाएगी।
- रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले साल करीब 50,000 लोगों की नागरिकता रद्द की गई थी।
- अब ‘Distinguished Service’ के तहत मिली नागरिकता की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
गृह मंत्री का सख्त संदेश
गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि इस जांच की कोई समय सीमा (Time Limit) नहीं है, यानी पुरानी से पुरानी फाइल भी कभी भी खोली जा सकती है। हर हफ्ते नए मामले सामने आ रहे हैं। सरकार का मकसद सिर्फ इतना है कि कुवैत की नागरिकता केवल उन लोगों के पास रहे जो वास्तव में इसके हकदार हैं। जिन लोगों की नागरिकता रद्द होगी, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उनके नाम सरकारी गजट में छापे जाएंगे।





