चीन ने खाड़ी देशों की सुरक्षा पर दिया बड़ा बयान, कहा गल्फ देशों की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं
गल्फ देशों में चल रहे मौजूदा तनाव के बीच चीन ने एक बहुत अहम बयान दिया है. चीन ने साफ शब्दों में कहा है कि खाड़ी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हर हाल में होना चाहिए. 8 और 9 मार्च 2026 को चीन के विशेष दूत झाई जुन ने सऊदी अरब का दौरा किया और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की. इस दौरान गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव से भी मुलाकात कर स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया.
गल्फ देशों में चीन की मीटिंग में क्या फैसले हुए?
चीन के विशेष दूत झाई जुन ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और GCC के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी के साथ अलग-अलग बैठकें की. इन मुलाकातों में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई बातें स्पष्ट की गईं.
- हमलों की निंदा: चीन ने निर्दोष नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हो रहे किसी भी तरह के हमलों की कड़ी निंदा की.
- सैन्य अभियानों पर रोक: चीनी अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता सैन्य अभियानों को तुरंत रोकना है.
- सुरक्षा की गारंटी: चीन ने स्पष्ट किया कि गल्फ देशों की सीमाओं और उनकी सुरक्षा के साथ कोई भी बाहरी देश खिलवाड़ नहीं कर सकता.
गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर इसका क्या असर है?
गल्फ क्षेत्र में तनाव का सीधा असर पूरी दुनिया के तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले व्यापार पर पड़ता है. सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी काम करते हैं. अगर इस इलाके में शांति रहती है, तो गल्फ देशों में काम करने वाले लोगों की नौकरियां सुरक्षित रहती हैं और उनका जीवन सामान्य चलता है.
मार्च की शुरुआत में तनाव बढ़ने पर चीन ने अपने 3,000 से ज्यादा नागरिकों को इस इलाके से सुरक्षित बाहर निकाला था. अब चीन इस क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक तरीके से मामलों को सुलझाने के लिए एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों का हवाला देते हुए सभी देशों से इस इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की गई है.





