Gulf Tension Update: चीन ने खाड़ी देशों में तुरंत युद्ध रोकने की अपील की, शांति के लिए भेजा विशेष दूत
चीन के Foreign Minister वांग यी ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को लेकर गहरी चिंता जताई है और तुरंत सैन्य अभियानों को रोकने की अपील की है। उन्होंने बहरीन और कुवैत के विदेश मंत्रियों के साथ अहम बातचीत की है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य इलाके में शांति बहाल करना और बातचीत के जरिए मामलों को सुलझाना है। खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इस क्षेत्र में शांति होना बहुत जरूरी है।
शांति के लिए चीन का क्या है प्लान
चीन ने साफ़ कहा है कि इस लड़ाई को और फैलने से रोकने के लिए सबसे पहली प्राथमिकता युद्ध रोकना है। वांग यी ने बताया कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा का पूरा सम्मान होना चाहिए। चीन के विशेष दूत झाई जून इस वक्त खाड़ी देशों के दौरे पर हैं और उन्होंने रियाद में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के नेताओं से मुलाकात कर हालात सुधारने पर चर्चा की है। चीन ने मध्य पूर्व में शांति के लिए एक पांच सूत्रीय प्रस्ताव भी पेश किया है। इसमें आम नागरिकों और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने की सख्त बात कही गई है। चीन का मानना है कि सैन्य ताकत से संकट का मूल कारण खत्म नहीं होता, इसलिए कूटनीतिक बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
प्रवासियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी काम करते हैं। ऐसे में यहां का माहौल शांत रहना सभी के लिए अहम है। बहरीन के विदेश मंत्री ने बातचीत के दौरान चीन को भरोसा दिलाया है कि वे अपने देश में रह रहे चीनी नागरिकों और संस्थानों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों ने खाड़ी देशों में काम कर रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की बात भी कही है। कूटनीतिक स्तर पर हो रही इन लगातार मुलाकातों से हालात के जल्द सामान्य होने की संभावना है। शांति प्रयासों से आम प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।




