Iran से 9000 भारतीयों की वापसी शुरू, Armenia और Azerbaijan के रास्ते आएंगे देश, जानिए पूरा अपडेट
भारत सरकार ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों और छात्रों को वापस लाने के लिए अहम कदम उठाया है. विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, जो भारतीय ईरान छोड़ना चाहते हैं, उन्हें आर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के जमीनी रास्ते से निकाला जा रहा है. ईरान की राजधानी तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह से अलर्ट पर है और वहां फंसे करीब 9000 भारतीयों की हर संभव मदद कर रहा है. इन देशों की सीमा में पहुंचने के बाद नागरिक कमर्शियल फ्लाइट के जरिए सुरक्षित भारत लौट सकेंगे.
वापसी की तारीख और फ्लाइट का खर्च
छात्रों और नागरिकों का पहला जत्था 12 मार्च 2026 को आर्मेनिया बॉर्डर की तरफ रवाना होने वाला है. इसके बाद 14 और 15 मार्च को छात्रों का पहला ग्रुप कमर्शियल फ्लाइट के जरिए आर्मेनिया की राजधानी येरेवन से भारत पहुंचेगा. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन (JKSA) के मुताबिक करीब 100 छात्र Zvartnots International Airport से वापसी करेंगे.
रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्मेनिया से भारत आने वाली कमर्शियल फ्लाइट्स के टिकट काफी महंगे हो गए हैं. कुछ टिकट की कीमत 1.2 लाख रुपये के पार पहुंच गई है. इसे देखते हुए कई छात्र संगठनों ने सरकार से आर्थिक मदद की अपील की है ताकि वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें. Flydubai एयरलाइंस की फ्लाइट FZ8124 के जरिए कई लोग दुबई होते हुए भारत पहुंच रहे हैं.
दूतावास की जरूरी गाइडलाइंस और हेल्पलाइन नंबर
भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों को साफ निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व सूचना और दूतावास के सहयोग के जमीनी बॉर्डर (आर्मेनिया या अजरबैजान) की तरफ न जाए. विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अगर कोई व्यक्ति बिना परमिशन तीसरे देश के बॉर्डर पर जाता है और उसे वहां एंट्री नहीं मिलती है, तो भारतीय दूतावास के लिए मदद करना मुश्किल होगा.
छात्रों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ लोगों को ईरान के ही सुरक्षित शहरों में शिफ्ट किया गया है. किसी भी आपात स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिनपर संपर्क किया जा सकता है.
- हेल्पलाइन 1: +98 912 810 9115
- हेल्पलाइन 2: +98 912 810 9102
- हेल्पलाइन 3: +98 912 810 9109
- हेल्पलाइन 4: +98 993 217 9359
- ईमेल: [email protected]




