UAE और Qatar में बैंकों पर बड़ा संकट, Citibank और HSBC ने बंद की शाखाएं
खाड़ी देशों में सुरक्षा कारणों और तनाव को देखते हुए Citibank और HSBC जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों ने अपनी शाखाएं बंद करने का फैसला लिया है। ईरान की ओर से क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। दुबई और कतर में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और बैंक कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के नए निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें दफ्तर के बजाय घर से काम करने के लिए कहा गया है।
किन बैंकों ने शाखाएं बंद करने का फैसला लिया?
क्षेत्र में काम कर रहे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंकों ने अपनी सेवाओं में बदलाव किया है। Citibank ने जानकारी दी है कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपनी केवल एक शाखा को छोड़कर बाकी सभी को बंद कर रहा है। इसके अलावा HSBC ने कतर में अपनी सभी शाखाओं को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। Standard Chartered ने भी दुबई के DIFC और ऊद मेथा स्थित अपने दफ्तरों से कर्मचारियों को हटा लिया है और उन्हें घर से काम करने का निर्देश दिया है।
सुरक्षा को लेकर क्या निर्देश जारी हुए?
ईरान के सैन्य मुख्यालय की ओर से जारी बयान में अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंकिंग हितों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके बाद खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।
- आम लोगों को किसी भी अमेरिकी या इजरायली बैंक और वित्तीय इमारत से कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी गई है।
- Goldman Sachs और JPMorgan ने अपने स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम या अस्थाई रूप से शिफ्ट होने को कहा है।
- बहरीन के गृह मंत्रालय ने कुछ इलाकों में लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है क्योंकि तेल सुविधाओं के पास आग लगने की घटनाएं हुई हैं।
- दुबई क्रीक हार्बर के पास ड्रोन हमले और मिसाइल खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
प्रवासियों और ग्राहकों पर क्या होगा असर?
बैंकों के अचानक बंद होने से वहां काम करने वाले भारतीय प्रवासियों और आम ग्राहकों के लिए लेन-देन और बैंकिंग सेवाओं में परेशानी हो सकती है। हालांकि ज्यादातर बैंकों ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से रिमोट मॉडल अपनाया है। कतर सेंट्रल बैंक ने पहले ही 1 मार्च को बैंक की छुट्टी रखी थी, लेकिन मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय बैंकों द्वारा शाखाएं बंद करना सुरक्षा कारणों से लिया गया निजी फैसला है। क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी हमलों की निंदा की है।





