Iran-Israel War Update: ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण 32 लाख लोग बेघर, दुबई और खाड़ी देशों के व्यापार पर पड़ा असर
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ईरान-इज़राइल और अमेरिका युद्ध के कारण ईरान में अब तक लगभग 32 लाख लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए हैं। इस बड़े पलायन ने एक गंभीर मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। युद्ध का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां के व्यापार पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
32 लाख लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर
UNHCR की टीम के प्रमुख अयाकी इतो ने इस स्थिति को एक गंभीर संकट बताया है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक 6 लाख से 10 लाख परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।
- तेहरान से पलायन: शुरुआती 48 घंटों में राजधानी तेहरान से 1 लाख से ज्यादा लोग उत्तरी प्रांतों की ओर जा चुके हैं।
- सरकारी अलर्ट: ईरानी सरकार ने तेहरान के 1 करोड़ निवासियों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर अन्य सुरक्षित शहरों में जाने की सलाह दी है।
- पड़ोसी देशों में शरण: तुर्की में 6,500 और सीरिया में 30,000 से ज्यादा लोगों ने बॉर्डर पार कर शरण ली है।
UNHCR का कहना है कि संचार सेवाओं में रुकावट के कारण वास्तविक आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर हो रहा?
यह युद्ध मध्य पूर्व के पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि वहां के हालात तेजी से बदल रहे हैं।
- बंदरगाहों पर असर: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसेना की खदानें बिछा दी हैं और उत्तरी फारस की खाड़ी में दो टैंकरों पर हमला किया है। इससे दुबई के Jebel Ali जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर आने वाले जहाजों की संख्या घट गई है।
- मिसाइल हमले: बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत और ओमान ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोकने की पुष्टि की है।
- भारत का कदम: भारत ने 135 देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें खाड़ी देशों पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की गई है।
युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में इस सैन्य अभियान को चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों को नष्ट करना है।
- मौतें और घायल: ईरान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस युद्ध में 1,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यूनिसेफ (UNICEF) का अनुमान है कि पूरे क्षेत्र में 1,100 से अधिक बच्चे मारे गए हैं या घायल हुए हैं।
- हमले के निशाने: अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के 10 प्रांतों में 5,500 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया है। इनमें परमाणु बुनियादी ढांचे और बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाएं शामिल हैं।
- हालिया हमले: इज़राइल ने हाल ही में तालेघन कंपाउंड पर हमला किया है, जिसे कथित तौर पर परमाणु हथियार अनुसंधान के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं, जिनमें ईरान के अधिकारों को मान्यता देना और भविष्य में हमले न होने की गारंटी शामिल है। वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कूटनीति के जरिए मामले को सुलझाने की अपील की है।





