Iran US Tension: ईरान ने खाड़ी देशों से की अपील, अमेरिकी सेना को बाहर निकालें, ट्रंप ने किया हमले का दावा
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र से विदेशी ताकतों खासकर अमेरिकी सेना को बाहर निकालें। उनका कहना है कि अमेरिका की सुरक्षा नीति पूरी तरह से खोखली साबित हुई है और यह सुरक्षा देने के बजाय मुसीबत को न्योता दे रही है। इसके साथ ही दोनों देशों की ओर से एक दूसरे को गंभीर चेतावनी दी जा रही है।
Strait of Hormuz और विदेशी सेना पर ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका का सुरक्षा चक्र पूरी तरह से फेल हो चुका है।
- उनका कहना है कि अमेरिका का पूरा ध्यान सिर्फ इसराइल को बचाने पर है।
- अराघची ने दावा किया कि Strait of Hormuz में सुरक्षा के लिए अमेरिका अब चीन और अन्य देशों के सामने मदद मांग रहा है।
- ईरान ने अरब देशों जैसे UAE, कतर, बहरीन और सऊदी अरब पर दबाव बनाया है कि वे अमेरिका के साथ सुरक्षा समझौते खत्म करें।
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमले
पिछले 24 घंटों में दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी तेज हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के Kharg Island पर सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
इसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके ऊर्जा संसाधनों पर हमला हुआ, तो वे इस क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों को नष्ट कर देंगे। इसी बीच इराक स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने का निर्देश दिया है।
- अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है।
- इराक में अमेरिकी KC-135 एयरक्राफ्ट क्रैश होने से 6 क्रू मेंबर्स की मौत हुई है।
- ईरान के इस्फहान में अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमले में 15 लोगों की जान गई है।
भारतीय नौसेना और खाड़ी में काम करने वालों पर असर
इस बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी पड़ रहा है। Persian Gulf में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए Indian Navy ने अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।
Strait of Hormuz दुनिया के तेल व्यापार का अहम रास्ता है और यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ेगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और व्यापारिक जहाजों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।




