Iran Attack: ईरान के Kharg Island पर अमेरिका का बड़ा हमला, IRGC ने UAE में रहने वालों को किया अलर्ट
अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात हब Kharg Island पर बड़ा हमला किया. US Central Command और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को तबाह करने की पुष्टि की. इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया कि यह हमला UAE की धरती से किया गया. ईरान की सेना ने खाड़ी देशों में रहने वालों और प्रमुख बंदरगाहों के आस-पास के लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया.
📰: यमन में 1.8 करोड़ लोगों पर मंडराया भुखमरी का खतरा, अल जज़ीरा की रिपोर्ट में सामने आया डराने वाला सच।
हमले में क्या हुआ और तेल ठिकानों का क्या हाल है?
अमेरिका ने 13 और 14 मार्च को यह सटीक हमला किया. इसमें मिसाइल बंकर, नेवल माइन स्टोरेज और एयरपोर्ट कंट्रोल टावर जैसी 90 से अधिक सैन्य जगहें नष्ट हो गई. राहत की बात यह है कि ईरान के तेल निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि तेल ठिकानों को जानबूझकर छोड़ दिया गया. वहीं ईरान की समाचार एजेंसी IRNA ने भी बताया कि तेल का निर्यात सामान्य रूप से चल रहा है.
UAE पर ईरान का आरोप और ताज़ा हालात
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि हमले के लिए UAE के रास अल-खैमाह और दुबई के आस-पास की जगहों का इस्तेमाल हुआ. इसके जवाब में ईरान के IRGC ने UAE के प्रमुख बंदरगाहों जैसे Jebel Ali (Dubai), Khalifa (Abu Dhabi) और Fujairah के पास रहने वालों को वहां से हटने की चेतावनी दी. दूसरी तरफ UAE के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को ईरान से दागे गए 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 33 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. एक नष्ट हुए ड्रोन का मलबा गिरने से Fujairah के तेल ठिकाने पर आग लग गई. UAE के अधिकारियों ने हमले में शामिल होने की बात को सिरे से खारिज किया.
आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अपने दुश्मनों के लिए बंद कर देगा. जो भारतीय प्रवासी दुबई और अन्य खाड़ी देशों में रहते हैं, उन्हें प्रमुख कमर्शियल बंदरगाहों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आस-पास जाने से बचने की सलाह दी गई है. मिसाइल रोके जाने की घटनाओं के बाद कतर और बहरीन ने भी सुरक्षा के कारण अपने यहां अलर्ट जारी किया है. हालात को देखते हुए सभी लोगों को सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और सुरक्षित रहने को कहा गया है.




